गंडक बैराज के भारी डिस्चार्ज से सोहगीबरवा के तीन गांव प्रभावित, चार कम्युनिटी किचन से मिल रही राहत; जलस्तर घटने लगा
दिलीप त्रिपाठी
महराजगंज, 29 सितंबर। जनपद में लगातार हो रही अतिवृष्टि और गंडक बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद सोहगीबरवा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन देर रात तक पूरी तरह सक्रिय रहा। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) डॉ. प्रशांत कुमार ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों तक हरसंभव सहायता तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी ने नाव के माध्यम से प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। एडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस स्थिति में जिला प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है।
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान भी लगातार जारी है। प्रशासनिक टीम द्वारा अब तक कई ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों और राहत टीमों की लगातार निगरानी बनी हुई है।
चार स्थानों पर चल रहे कम्युनिटी किचन
राहत व्यवस्था के तहत क्षेत्र में चार स्थानों पर कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। एडीएम ने कम्युनिटी किचन का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को समय से पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए और भोजन वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, प्रकाश, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक राहत व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई।
तीन गांव प्रभावित, जलस्तर में लगातार कमी
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अतिवृष्टि और गंडक बैराज से भारी डिस्चार्ज के कारण सोहगीबरवा क्षेत्र के तीन गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहेगा।
NDRF-SDRF और पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश
एडीएम ने NDRF, SDRF एवं पुलिस अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के साथ किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए टीमों को सतर्क रखा गया है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
