मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। प्रादेशिक नेतृत्व के आह्वान पर नौतनवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर संविदा कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर नारों से गूंज उठा।
संघ के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में अल्प मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद कर्मचारी नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य सुविधाओं से वंचित हैं। लंबे समय से मांगें उठाने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है।
संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और अनुकंपा नियुक्ति शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान शासन स्तर पर किया जाना चाहिए।
संघ ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की घोषणा करते हुए 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन प्रस्तावित किया है। संगठन का कहना है कि मांगों के संबंध में शासनादेश जारी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन में राजीव शर्मा, डॉ. पारसनाथ, डॉ. श्रीराम वर्मा, डॉ. जेपी चौधरी, संदीप पांडेय, धर्मेंद्र शाही, मुदिता त्रिपाठी, अजय, आनंद, रीना, मंजू, शकुंतला, इजहार, कंचन, शशिकला, ममता, उमरावती सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
अब कर्मचारियों की मांगों पर शासन की प्रतिक्रिया और प्रस्तावित लखनऊ आंदोलन पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
