फरेंदा विधानसभा में चुनावी सरगर्मी तेज, सपा नेता व पूर्व चेयरमैन फरेंदा ने वर्तमान चेयरमैन पर लगाए भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति अर्जित करने के आरोप
मेडिकल कॉलेज, कन्या इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज निर्माण को बताया विकास का प्रमुख एजेंडा
महराजगंज। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होने लगी है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने के साथ जनता के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में लगे हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के एक नेता ने दावा किया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लोग इस बार मन बना चुके हैं कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाई जाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लगातार जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और विचारधारा को पहुंचा रहे हैं।
फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों की संख्या को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में कई दावेदार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी में फिलहाल दो दावेदार होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ने के लिए सभी स्वतंत्र हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और टिकट वितरण के आधार पर होगा।
चेयरमैन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
वर्तमान चेयरमैन के भी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताए जाने और उनकी कथित बेनामी संपत्तियों को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा नेता ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चेयरमैन ने कथित तौर पर कई संपत्तियां दूसरे लोगों के नाम पर खरीदी हैं। उन्होंने कमलेश शर्मा और दूधराज जायसवाल सहित कुछ लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए संपत्तियों तथा फॉर्च्यूनर गाड़ी को लेकर सवाल उठाए।
सपा नेता विनोद गुप्ता ने आरोप लगाया कि जनता के पैसे का दुरुपयोग कर संपत्ति अर्जित की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित चेयरमैन का पक्ष भी सामने आना बाकी है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता आधिकारिक दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
गणेश शंकर पांडेय को बताया सपा का प्रमुख चेहरा
फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में अमरमणि त्रिपाठी, बजरंग बहादुर सिंह और डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी सहित अन्य संभावित दावेदारों को लेकर सवाल किए जाने पर सपा नेता ने कहा कि सभी अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय प्रमुख चेहरा हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गठबंधन होता है, तो पार्टी नेतृत्व जिस प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारेगा, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी मजबूती से उसके समर्थन में काम करेंगे। उन्होंने अन्य दलों के संभावित प्रत्याशियों के टिकट और चुनावी मैदान में उतरने को लेकर अंतिम निर्णय होने तक प्रतीक्षा करने की बात कही।
गणेश शंकर पांडेय की छवि को बताया साफ-सुथरा
गणेश शंकर पांडेय की राजनीतिक छवि और अन्य संभावित प्रत्याशियों के मुकाबले उनकी स्थिति पर सपा नेता ने कहा कि उनकी छवि साफ-सुथरी है। उन्होंने पांडेय को व्यक्तित्व का धनी और अपनी बात के पक्के नेता के रूप में प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि उनका व्यवहार जनता के बीच उन्हें लोकप्रिय बनाता है।
सपा नेता ने कहा कि उनके अनुसार गणेश शंकर पांडेय की छवि क्षेत्र के अन्य संभावित प्रत्याशियों की तुलना में बेहतर है। यह उनके राजनीतिक आकलन और समर्थन का हिस्सा है, जबकि चुनाव में जनता का रुख और मतदाताओं का निर्णय ही किसी प्रत्याशी की वास्तविक स्थिति तय करेगा।
मेडिकल कॉलेज और शिक्षण संस्थानों के निर्माण का वादा
फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में गणेश शंकर पांडेय के चुनाव जीतने की स्थिति में विकास के मुद्दों पर बात करते हुए सपा नेता ने मेडिकल कॉलेज, कन्या इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज के निर्माण को प्रमुख प्राथमिकताओं में गिनाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है और इन क्षेत्रों में विकास कार्य कराना महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने गणेश शंकर पांडेय को विकास के प्रति समर्पित नेता बताते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं पर काम करने की आवश्यकता है। मेडिकल कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने तथा लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
2027 में विकास और राजनीतिक समीकरणों पर रहेगी नजर
फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव को लेकर संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने लगी है। समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा किया जा रहा है, वहीं गणेश शंकर पांडेय को पार्टी का प्रमुख चेहरा बताते हुए विकास के मुद्दों को सामने रखा गया है।
अब देखना होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दल किसे अपना प्रत्याशी बनाते हैं और क्षेत्र के मतदाता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर किसे अपना समर्थन देते हैं।
