बालेन सरकार से भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद, पूर्व सांसद हरिचरण शाह ने रोजगार और निवेश पर दिया जोर

मनोज कुमार त्रिपाठी 

नेपाल के युवाओं के विदेश पलायन पर जताई चिंता, पर्यटन, कृषि और उद्योग के विकास को बताया जरूरी; बोले—भारत और नेपाल के रिश्ते ऐतिहासिक और पारिवारिक जुड़ाव पर आधारित

नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार से भारत-नेपाल संबंधों को लेकर उम्मीदें जताई जा रही हैं। नेपाल के पूर्व सांसद हरिचरण शाह ने एक साक्षात्कार में नई सरकार की प्राथमिकताओं, भारत के साथ संबंधों और नेपाल के युवाओं के बड़े पैमाने पर विदेश जाने जैसे अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार देश के सभी क्षेत्रों और वर्गों को साथ लेकर विकास के अवसर पैदा करने की दिशा में काम करेगी।

भारत-नेपाल के संबंधों को बताया पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक

पूर्व सांसद हरिचरण शाह ने भारत और नेपाल के रिश्तों को केवल दो देशों के बीच का कूटनीतिक संबंध नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक जुड़ाव का रिश्ता बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच खुली सीमा, शादी-विवाह, सांस्कृतिक परंपराओं, व्यापार और आपसी सहयोग की लंबी परंपरा रही है। सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच गहरा जुड़ाव है और संकट के समय दोनों देश एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आते रहे हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार भारत के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी। उनके अनुसार, नई सरकार के सामने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और पुराने संबंधों को नई गति देने का अवसर है।

सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास की चुनौती

हरिचरण शाह ने कहा कि नेपाल की नई सरकार की जिम्मेदारी हिमालयी क्षेत्र से लेकर पहाड़, मधेश और तराई तक रहने वाले लोगों को समान अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि नई सरकार विकास और जनहित के मुद्दों पर ठोस काम करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार को अनुभवी और योग्य लोगों के साथ मिलकर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा, ताकि जनता को विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।

80 से 90 लाख युवाओं के विदेश जाने पर उठाया रोजगार का सवाल

साक्षात्कार के दौरान नेपाल से बड़ी संख्या में युवाओं के विदेश जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस पर पूर्व सांसद ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में विदेश जाकर काम करना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी देश के भीतर रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना भी है।

उन्होंने कहा कि नेपाल में रोजगार सृजन के लिए बड़े निवेश और आय पैदा करने वाली परियोजनाओं की जरूरत है। इसके लिए सरकार को विदेशी निवेशकों, निजी कंपनियों और अन्य देशों की सरकारों को निवेश के लिए आमंत्रित करना चाहिए। ऐसी परियोजनाएं विकसित की जानी चाहिए, जिनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा हो और युवाओं को अपने देश में ही काम करने के अवसर मिलें।

पर्यटन, कृषि और उद्योग में संभावनाओं पर जोर

हरिचरण शाह ने नेपाल में पर्यटन, कृषि, पशुपालन और वन आधारित उद्योगों की संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेपाल की प्राकृतिक संपदा और भौगोलिक विविधता का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।

उन्होंने कृषि को उद्योग से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और बड़े निवेश वाली परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिनसे घरेलू उत्पादन बढ़े, निवेश आकर्षित हो और रोजगार के नए रास्ते खुलें।

नई सरकार से विकास और सहयोग की उम्मीद

पूर्व सांसद हरिचरण शाह के बयान में नेपाल की नई सरकार के सामने रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने, क्षेत्रीय समानता और भारत के साथ संबंधों को मजबूत बनाने जैसे प्रमुख मुद्दे उभरकर सामने आए। उन्होंने बालेन शाह सरकार से उम्मीद जताई कि वह इन चुनौतियों पर काम करेगी और नेपाल की जनता के लिए विकास के नए अवसर तैयार करेगी।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई सरकार इन अपेक्षाओं को नीतियों और जमीनी स्तर पर लागू होने वाली योजनाओं में किस तरह बदलती है।

— The IndiaExpress News

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