गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड (एमएलसी) चुनाव
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
गोरखपुर! गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव में मतदान से पहले सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अधिकारियों पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पांच जिलों में शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों पर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं करने पर विद्यालयों के दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही जा रही है। हालांकि, प्रेस वार्ता में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया।
डॉ. त्रिपाठी ने शिक्षकों से पुरानी पेंशन, सेवा सुरक्षा और मानदेय जैसे मुद्दों पर समर्थन मांगा। उन्होंने 27 अक्टूबर को मतदान में जीत मिलने और सपा सरकार बनने पर शिक्षकों की मांगें पूरी करने का दावा भी किया।
पांच जिलों में दबाव बनाने का आरोप
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले तीन-चार दिनों में आजमगढ़, मऊ, बलिया, अंबेडकर नगर और कुशीनगर से शिकायतें मिली हैं। उनके मुताबिक, जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को फोन कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने का दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा नहीं करने पर विद्यालयों के दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही जा रही है। इनमें अटेंडेंस रजिस्टर, वेतन पंजिका और दूसरे कागजात शामिल हैं।
डॉ. त्रिपाठी ने सवाल उठाया कि मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद जांच कराने का क्या औचित्य है। उनका कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही शिक्षकों और प्रबंधन से जुड़े लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए होंगे। उन्होंने आशंका जताई कि जांच के नाम पर दबाव बनाकर मतदाताओं को मतदान से रोकने की कोशिश हो सकती है।
भाजपा छोड़कर सपा में आने के बाद अपने राजनीतिक कद पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बड़े पदाधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा में छह साल रहने के दौरान उन्हें जिला और महानगर स्तर पर भी अपनी बात रखने में मुश्किल होती थी। उनके मुताबिक, सपा में आए अभी 15-20 दिन हुए हैं, लेकिन पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनका चुनाव अपने चुनाव की तरह लड़ रहे हैं।

