‘एक ईंट–एक सपना’ से साकार हुआ सपना, क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान ने रचा इतिहास
मनोज कुमार त्रिपाठी
नेपाल के पूर्वी क्षेत्र झापा के बिर्तामोड में स्थित झापा नाटक घर आज सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक बन चुका है। “एक ईंट सहयोग अभियान” के माध्यम से आम लोगों के छोटे-छोटे योगदान ने इस भव्य थियेटर को जन्म दिया, जिसकी लागत लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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वर्ष 2058 में स्थापित क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान ने इस सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। संस्था लगातार नाट्यकला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए काम करती आ रही है। सड़क नाटकों से लेकर रंगमंच तक, इस संस्था ने समाज की विविध कहानियों, पीड़ाओं और पहचान को मंच पर उतारकर एक नई दिशा दी है।
झापा नाटक घर केवल नाटकों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बहुभाषी और बहुजातीय कला-संस्कृति का संगम स्थल बन चुका है। यहां नियमित रूप से प्रशिक्षण, कार्यशालाएं, सांस्कृतिक प्रदर्शनी और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहे हैं।
क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान ने अपनी गतिविधियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है। विभिन्न देशों में भागीदारी और सम्मान प्राप्त कर संस्था ने नेपाली संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का कार्य किया है।
कुल मिलाकर, झापा नाटक घर एक इमारत से बढ़कर एक आंदोलन बन चुका है—जो संस्कृति के संरक्षण, रचनात्मकता के विकास और समाज की एकता का सशक्त प्रतीक है।