वोटर लिस्ट में नाम की कथित गड़बड़ी से उठा सवाल, चुनाव आयोग की तत्परता पर भी चर्चा
मनोज कुमार त्रिपाठी
नोएडा। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी बहस के बीच इंडिया टीवी की पत्रकार मीनाक्षी जोशी का मामला चर्चा में है। दावा है कि SIR की अंतिम सूची में उनका नाम दर्ज होने के बावजूद मतदाता पहचान पत्र में नाम से जुड़ी गंभीर गड़बड़ी सामने आई। इस मामले में अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई ने चुनावी प्रक्रिया और आम मतदाताओं की समस्याओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
दिए गए विवरण के मुताबिक, मीनाक्षी जोशी ने सुबह 7:48 बजे सोशल मीडिया पर अपनी समस्या उठाई। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से शाम 7:16 बजे प्रतिक्रिया दी गई। दावा है कि रात 8:50 बजे नोएडा के एसडीएम ने उन्हें फोन किया और रात 9:32 बजे तक समस्या का समाधान हो गया।
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर चुनावी सूची में सुधार की प्रक्रिया और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग इस त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ का सवाल है कि आम मतदाताओं की शिकायतों का भी इसी तत्परता से निस्तारण क्यों नहीं होना चाहिए।


