मधेशी समुदाय को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और बालेन शाह से काफी उम्मीदें- सी.के.राउत अध्यक्ष जनमत पार्टी नेपाल 

मधेशी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की संभावना 

अभी भी खत्म नहीं हुआ है मधेश का मुद्दा 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

प्रतिनिधि सभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद जनमत पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत ने कहा है कि मधेशी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही इच्छाएं अब रास्वपा और बालेन शाह के माध्यम से पूरी होने की संभावना दिख रही है। उन्होंने कहा कि मधेश का मुद्दा खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अब अलग राजनीतिक शक्तियां उसे आगे बढ़ा रही हैं।

राउत ने कहा कि उनकी पार्टी दो, चार या दस सीटें भी जीत ले, तब भी तुरंत किसी मधेशी को प्रधानमंत्री बनाना संभव नहीं है। लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में बालेन शाह के नेतृत्व के जरिए मधेशी प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा होने की संभावना दिखाई दे रही है।

उन्होंने हाल ही में जनकपुर में बालेन शाह द्वारा दिए गए संबोधन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे मधेशी जनता के मुद्दों को मजबूत आधार मिला है। राउत के अनुसार बालेन ने संघीयता को और मजबूत बनाने की बात उठाई है, जिसमें प्रदेशों को अपनी सेना, पुलिस और कर्मचारियों की व्यवस्था के साथ अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए।

राउत ने कहा, “संघीयता इतनी मजबूत होनी चाहिए कि छोटे-छोटे कामों के लिए काठमांडू भागना न पड़े। काठमांडू हमें अधिकार मांगने नहीं, बल्कि सिर्फ पशुपतिनाथ के दर्शन करने जाने की जगह बनना चाहिए।”

उन्होंने रोजगार को भी मधेशी जनता का एक प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी पार्टी ने पहले 10 लाख रोजगार सृजित करने का प्रस्ताव रखा था, जबकि बालेन शाह ने इसे आगे बढ़ाते हुए 12 लाख रोजगार देने की प्रतिबद्धता जताई है।

राउत के अनुसार संघीयता को मजबूत करना, रोजगार सृजन और मधेशी प्रधानमंत्री का सपना — ये सभी मधेशी जनता की लंबे समय से चली आ रही इच्छाएं हैं। उन्होंने कहा, “मधेश का एजेंडा खत्म नहीं हुआ है, बस अलग पार्टी इसे उठा रही है।

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