इंट्रीगेटेड चेक पोस्ट बनने के बाद ही मिल सकती है जाम से निजात 

नेपाल भंसार में जगह की कमी के कारण सोनौली सीमा पर हो रही है जाम की समस्या 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज! सोनौली बार्डर के रास्ते नेपाल जाने वाले मालवाहक ट्रकों की जाम की समस्या लाइलाज होती जा रही है। सोनौली से दस-दस किलोमीटर लंबी लाइन से यातायात व्यवस्था जहां चरमरा गई है, वहीं नेपाल जाने वाले मालवाहक ट्रकों के 5 से 6 दिन फंसने से भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। सोनौली में एकीकृत जांच चौकी के निर्माण से ही इस जाम की समस्या को निजात मिल सकती है। 

इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के पूर्ण निर्माण की बात दिसम्बर तक कही जा रही है। कई चरणों के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। पोस्ट सीमा व्यापार, यात्री आवागमन, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बड़ी परियोजना है। इसका उद्देश्य सीमा पर यात्रियों और मालवाहक वाहनों की जांच से जुड़ी अलग-अलग व्यवस्थाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है।

एकीकृत जांच चौकी में यात्रियों के लिए अलग भवन बनाया जा रहा है। यहां आव्रजन जांच केंद्र, सीमा शुल्क जांच केंद्र, पुलिस चौकी और यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्र, बैंक और एटीएम की सुविधा, सार्वजनिक शौचालय, यात्री वाहनों के लिए पार्किंग, निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे, सूचना प्रसारण व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सीमा व्यापार को देखते हुए मालवाहक ट्रकों के लिए एक बड़ा परिसर बनाया जा रहा है। इसमें माल जांच क्षेत्र, आयात गोदाम, निर्यात गोदाम, माल की जांच के लिए शेड, वाहनों का वजन करने की व्यवस्था (धर्मकांटा), मालवाहकों की पार्किंग, माल उतारने-चढ़ाने की व्यवस्था, वाहनों की विस्तृत जांच, चालकों के विश्राम की व्यवस्था व वाहन रखरखाव केंद्र शामिल होंगे।

मालवाहक ट्रकों और उनमें रखे सामानों की जांच के लिए आधुनिक वाहन जांच यंत्र लगाए जाने की भी व्यवस्था है। इससे बिना अनावश्यक देरी के वाहनों और माल की जांच में मदद मिल सकती है।

सीमा शुल्क और आव्रजन विभाग एक ही 

परिसर में एकीकृत जांच चौकी की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि सीमा शुल्क, आव्रजन और सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी एजेंसियां एक ही परिसर में काम करेंगी। इससे यात्रियों और व्यापारियों को अलग-अलग स्थानों पर जाकर जांच कराने की परेशानी कम हो सकती है।

भारत और नेपाल दोनों तरफ से आने-जाने वाली बसों और यात्री वाहनों के लिए अलग पार्किंग तथा बस खड़ी करने की व्यवस्था होगी। इससे सीमा पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। होटल, भोजनालय और दुकानें भी होंगे।

परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सोनौली की सड़क व्यवस्था से जुड़ा है। डंडा नदी पर लगभग 100 मीटर लंबा नया पुल और सोनौली से एसएसबी रोड तक राष्ट्रीय राजमार्ग तक लगभग 2 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क की व्यवस्था प्रस्तावित है। पेट्रोल पंप और अन्य सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी।

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