कवयित्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने लखनऊ में की संयुक्त प्रेसवार्ता

मुख्यमंत्री योगी से न्याय और सुरक्षा की लगाई गुहार 

पूर्वांचल को माफिया मुक्त रखने के संकल्प पर कायम रहे सरकार – निधि शुक्ला 

माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए- सीमा सिंह 

नौतनवां क्षेत्र में अमर मणि त्रिपाठी-अमन मणि त्रिपाठी समर्थकों द्वारा पंकज चौधरी के समर्थन में लगे नारों के बाद परिवार पर मंडराते खतरे का जताया अंदेशा

पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि अमर मणि त्रिपाठी की राजनीतिक सक्रियता से भय के माहौल में है उनका परिवार 

दोनों महिलाओं ने सीएम योगी से अपील 

की कि पूर्वांचल को माफिया मुक्त रखने के संकल्प पर सरकार कायम रहे और किसी भी दोषी को राजनीतिक संरक्षण न मिले

वर्ष 2003 में हुए मधुमिता शुक्ला हत्याकांड और सारा सिंह के संदिग्ध मौत के मामले में लगातार इंसाफ की मांग कर रहा है यह परिवार

2003 में हुई थी मधुमिता की हत्या

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

लखनऊ! कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के मुख्य दोषी पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। इससे मधुमिता शुक्ला और अमर मणि त्रिपाठी के बेटे अमन मणि त्रिपाठी की पत्नी सारा सिंह का परिवार डरा हुआ है। मधुमिता की बहन निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय और सुरक्षा की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि नौतनवां कस्बे में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और अमर मणि त्रिपाठी-अमन मणि त्रिपाठी जिंदाबाद के नारे लगाए गए। अमर मणि त्रिपाठी की भाजपा में बढ़ती सक्रियता से वे लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इस दौरान निधि शुक्ला ने बताया कि मधुमिता हत्याकांड के मामले पर लिखी उनकी किताब ‘मेरी बहन का कत्ल’ अगले महीने प्रकाशित होगी।

निधि शुक्ला ने कहा कि उनका मानना है कि अमर मणि त्रिपाठी जितने समय तक जेल में रहा, उसमें मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि 2003 से शुरू हुई इस लड़ाई में उनका परिवार लगातार भय और दबाव के बीच न्याय के लिए संघर्ष करता रहा। कई बार डर और निराशा के बावजूद मीडिया के सहयोग से उन्होंने यह लड़ाई जारी रखी।

निधि शुक्ला ने बताया कि मधुमिता हत्याकांड से जुड़े ऑन रिकॉर्ड और ऑफ रिकॉर्ड तथ्यों को उन्होंने एक किताब में संकलित किया है। ‘मेरी बहन का कत्ल’ शीर्षक से लिखी गई यह पुस्तक अगले महीने प्रकाशित और विमोचित की जाएगी। उनका कहना है कि इसमें मामले से जुड़े कई ऐसे तथ्य शामिल हैं, जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।

निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि नौतनवां क्षेत्र में अमर मणि त्रिपाठी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के समर्थन में लगाए गए।नारों के बाद उनका परिवार फिर भय के माहौल में है। उन्होंने कहा कि यदि अमर मणि त्रिपाठी को फिर राजनीतिक संरक्षण मिलता है या वह प्रभावशाली स्थिति में आता है तो उनके परिवार की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।

निधि शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूर्वांचल को मच्छर और माफिया मुक्त बनाने के संकल्प का भी हवाला दिया।

निधि शुक्ला ने कहा कि 9 मई 2003 को लखनऊ स्थित आवास पर कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या हुई थी। मामले की जांच पहले सीबी-सीआईडी और बाद में सीबीआई ने की। सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष सुनवाई के लिए मुकदमे को उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड स्थानांतरित किया था। देहरादून की अदालत, नैनीताल हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी अमर मणि त्रिपाठी उनकी धर्मपत्नी मधुमणि त्रिपाठी समेत अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी।

प्रेसवार्ता में निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि सजा के दौरान अमर मणि त्रिपाठी लंबे समय तक जेल से बाहर रहा और बाद में उसकी रिहाई की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि अब उसके सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों से पीड़ित परिवारों में फिर असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। इस दौरान सारा सिंह की मां सीमा सिंह भावुक हो गईं।

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