पुलिस पिकेट के नाक के नीचे कथित वसूली का खेल! नेपाली प्राइवेट गाड़ियों से पैसे लेने का आरोप

SDM, CO, EO, चेयरमैन और थानेदार की चुप्पी पर सवाल—कथित वसूली को लेकर सलाहकार अर्जुन गिरी ने खोला मोर्चा

‘दादागिरी बंद नहीं हुई तो एंबेसी तक जाएंगे’—अर्जुन गिरी की चेतावनी

रसीद मांगने पर भी कथित तौर पर नहीं दी जाती रसीद, नेपाली परिवारों से वसूली का आरोप

कथित वसूली से जुड़े संजय सिंह पर पुराना NDPS मामला—मु0अ0सं0 635/2008 में धारा 8/20/22 के तहत दर्ज था केस

नौतनवा/ठूठीबारी। नेपाली वाहनों से कथित वसूली को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सलाहकार अर्जुन गिरी ने ठूठीबारी चौराहे पर पुलिस पिकेट के ठीक बगल में नेपाली निजी वाहनों से कथित रूप से पैसे लिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अर्जुन गिरी का कहना है कि नगर पालिका के बायलॉज में शुल्क वसूली का प्रावधान भारी वाहनों, टैक्सी पास वाहनों अथवा माल लदे वाहनों से संबंधित है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद परिवार के साथ आने-जाने वाली नेपाली निजी गाड़ियों से भी कथित तौर पर पैसे लिए जा रहे हैं।

उनका यह भी आरोप है कि वाहन चालक द्वारा रसीद मांगने पर कथित रूप से रसीद नहीं दी जाती और पैसे देने से इनकार करने पर दबाव बनाया जाता है। विरोध करने वाले लोगों के साथ कथित तौर पर मारपीट की स्थिति पैदा करने का भी आरोप लगाया गया है।

 

 

संजय सिंह के पुराने NDPS मामले का जिक्र

अर्जुन गिरी ने कथित वसूली से जुड़े संजय सिंह के पुराने मामले का भी जिक्र किया है। उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार मु0अ0सं0 635/2008, धारा 8/20/22 NDPS Act के तहत संजय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज रहा था।

यह उल्लेखित किया जाना जरूरी है कि किसी आपराधिक मामले में आरोपी या वांछित होना अपने आप में दोषसिद्धि नहीं माना जाता। मामले में अदालत के अंतिम निर्णय की पुष्टि अलग से आवश्यक है।

अर्जुन गिरी ने आरोप लगाया कि वर्तमान में नगर पालिका की कथित वसूली में संजय सिंह की भूमिका है और इसको लेकर प्रशासन को जांच करनी चाहिए।

कर्मचारियों की पहचान पर भी सवाल

उन्होंने मौके पर तैनात कथित कर्मचारियों की पहचान को लेकर भी सवाल उठाए। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा आई-कार्ड प्रदर्शित नहीं किया जाता और वाहन चालकों को यह स्पष्ट नहीं होता कि उनसे शुल्क लेने वाला व्यक्ति नगर पालिका द्वारा अधिकृत है या नहीं।

अर्जुन गिरी ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन मौके पर तैनात सभी कर्मचारियों की पहचान, पद और वसूली के अधिकार को स्पष्ट करे तथा बायलॉज के अनुसार ही शुल्क वसूली सुनिश्चित की जाए।

‘दादागिरी बंद नहीं हुई तो एंबेसी तक जाएंगे’

अर्जुन गिरी ने चेतावनी दी कि यदि कथित वसूली और दबाव की स्थिति पर जल्द रोक नहीं लगी तो वह मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाएंगे। जरूरत पड़ने पर नेपाल स्थित भारतीय दूतावास में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।

 

उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले नेपाली नागरिकों और पर्यटकों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित वसूली से दोनों देशों के बीच गलत संदेश जाता है।

फिलहाल मामले में SDM, CO, EO, चेयरमैन और संबंधित थानेदार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक जांच और नगर पालिका के रिकॉर्ड से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर हो रही वसूली नियमों के अनुरूप है या नहीं।

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