बापू की सीख को आचरण में लेना चाहिए – डायरेक्टर अंजली
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवां महराजगंज! नौतनवां के बचपन व A B इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती का प्री सेलिब्रेशन किया। इस अवसर पर बच्चों का परिचय दोनों महान लीडर्स से कराया गया। बच्चों को बताया गया कि गांधी जी हमारे राष्ट्रपिता हैं और हम उन्हें बापू भी कहते हैं।

महात्मा गांधी
दो अक्टूबर को इन दोनों लीडर्स की जयंती सेलिब्रेट की जाती है। बच्चों को शास्त्री जी के बारे में भी विस्तार से बताया गया। उन्हें बताया गया कि शास्त्री जी हमारे सेकेंड प्राइम मिनिस्टर थे। उन्होंने कहा था कि हर काम की अपनी एक गरिमा होती है और हर काम को अपनी पूरी क्षमता से करने से ही हमें संतोष मिलता है। जय जवान, जय किसान का नारा भी शास्त्री जी के ही हैं।
बापू के बारे में भी बच्चों को विस्तार से बताया गया। बच्चों को नाटक के जरिये गांधी जी के तीनो बंदरों के बारे में बताया गया और उनकी सीख को अपने जीवन में आचरण करने के लिये कहा गया। बच्चों को बापू की सीख दी गई सत्य, प्रेम, अहिंसा आदि।

बच्चों ने स्वच्छता की तरफ भी अपनी जिम्मेदारी को सुना, समझा और सीखा। इस अवसर पर बच्चों ने फैंसी ड्रेस, रोल प्ले, स्पीच, स्किट, क्राफ्ट, ड्राइंग आदि एक्टिविटीज में हिस्सा लिया। बच्चे नन्हें गांधी जी और शास्त्री जी के रूप में बहुत रियल लग रहे थे। सबने बापू की सीख को आचरण में लेने का संकल्प लिया। डांडी मार्च और स्वच्छता रैली द्वारा बच्चों ने बापू की सीख को दर्शाया।

लाल बहादुर शास्त्री
डायरेक्टर अंजली ने बच्चों को बताया कि हमें बापू की सीख को आचरण में लेना चाहिए और अपना काम स्वयं करना चाहिये। हमेशा सच बोलना चाहिये, झूठ से दूर रहना चाहिए, आपस में प्रेम और भाईचारे से रहना चाहिए आदि। बच्चों में रक्षित, आशुतोष, अनन्या, ओम, अक्षत, आयुष्मान, रूद्र बने गांधी जी और अभिलक्ष्य, सार्थक, भावेश, मृदुल, अयांश, तेजस बने शास्त्री जी। टीचर्स में तेजस्वी, मोनिका, वैष्णवी, मनिता, ईशा, प्रीती, अंजली, अंशिका, श्रद्धा, रिंकल, प्रतिभा, सौम्या आदि मौजूद थे। इस तरह के आयोजन से बच्चे सही गलत का अंतर करना सीखते और अपने विचारों से दृढ़ बनते हैं।