सपा की प्रेस वार्ता में जमकर चले लात घुसे कई देर तक चला रहा हाई वोल्टेज ड्रामा ! पत्रकारों के सामने सपा की उदय धजिया!
पूर्व जिला अध्यक्ष नगीना साहनी से मारपीट का आरोप अंशुमान सिंह के खिलाफ सपा ने की निष्कासन की कार्यवाही !
मनोज कुमार त्रिपाठी/ कृष्णा कांत त्रिपाठी
गोरखपुर। समाजवादी पार्टी की ओर से गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता उस समय हंगामे में बदल गई, जब बैठने की व्यवस्था को लेकर पार्टी के नेताओं के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों तक पहुंच गया। प्रेस क्लब में मौजूद पत्रकारों और पार्टी नेताओं के सामने हुए इस घटनाक्रम से मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के मुताबिक, सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम की प्रेस वार्ता चल रही थी। इसी दौरान अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ प्रेस क्लब पहुंचे। आरोप है कि आगे बैठने के लिए कुर्सी आगे करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। सामने की पंक्ति में पहले से पार्टी के नेता और महिला नेता बैठे हुए थे, जिसके कारण जगह को लेकर कहासुनी हुई।
आरोप है कि कुर्सी आगे बढ़ाने को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। इस दौरान पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

घटना के दौरान प्रेस क्लब में मौजूद पत्रकारों के सामने काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सपा नेताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि पार्टी के कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। वहीं, घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
सपा जिला अध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर अनुशासनहीनता बताया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाई जाएगी और संगठन स्तर पर भी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इसी बीच समाजवादी पार्टी की ओर से 3 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय-ज्ञाप के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, अंशुमान सिंह के खिलाफ अनुशासनहीनता के मामले में पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई की गई है।

वहीं, अंशुमान सिंह की ओर से भी पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष सामने रखा गया है और उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में घटना से जुड़े आरोपों और प्रत्यारोपों को संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
प्रेस क्लब में हुई इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के अंदरूनी विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह रही कि जिस प्रेस वार्ता में पार्टी की गतिविधियों और राजनीतिक मुद्दों पर बात होनी थी, वही कार्यक्रम नेताओं के बीच विवाद और कथित मारपीट के कारण सुर्खियों में आ गया।
