गोरखपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था फिर विवादों में — रीजेंसी हॉस्पिटल पर किडनी निकालने का गंभीर आरोप, आनंद लोक में पहले भी लापरवाही का मामला सामने आ चुका है

आनंद लोक और रीजेंसी दोनों मामलों ने शहर में बढ़ाया गुस्सा, प्रशासन ने जांच तेज की

मनोज कुमार त्रिपाठी / सत्यम मद्धेशिया

 गोरखपुर (उत्तर प्रदेश):

गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर आरोपों की एक के बाद एक गूंज उठी है। पहले आनंद लोक हॉस्पिटल में लापरवाही से इलाज के कारण एक मरीज की मौत और परिवार का आक्रोश सामने आया था, और अब रीजेंसी हेल्थ हॉस्पिटल में एक मरीज की किडनी निकाल दिए जाने का वायरल वीडियो आरोप पूरे शहर में चिंता का विषय बन गया है। 

गोरखपुर के गुलहरिया क्षेत्र में स्थित रीजेंसी हेल्थ हॉस्पिटल पर आरोप लगे हैं कि इलाज के दौरान एक मरीज की किडनी निकाल दी गई — जबकि वह सिर में चोट के इलाज के लिए भर्ती था। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण और तेज़ी से फैल रहा है, जिसमें परिजन और बातचीत से जुड़ी बातों को देखा जा सकता है। 

परिजनों का कहना है कि सिर की चोट के बावजूद पेट में ऑपरेशन किया गया, जिससे उन्हें संदेह है कि मरीज की किडनी निकाल दी गई थी। इसी आरोप को लेकर अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ और पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच जारी है। 

कुछ समय पहले गोरखपुर के आनंद लोक हॉस्पिटल में एक मरीज की खबर तेज़ी से सुर्खियों में आई थी। वहां इलाज के दौरान कथित लापरवाही के कारण मरीज की मौत हो गई थी, और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला भी स्थानीय लोगों के गुस्से और प्रशासन के ध्यान का केंद्र बना था। 

 

इन दोनों घटनाओं — आनंद लोक में लापरवाही और रीजेंसी हेल्थ हॉस्पिटल में किडनी निकालने के वायरल आरोप — ने गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर कर दिया है। आम नागरिकों ने पूछा है कि जब दो अलग-अलग अस्पतालों से इस तरह के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, तो क्या स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई गंभीर कमज़ोरी है?

 

दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।

रीजेंसी हॉस्पिटल के वायरल वीडियो और आरोपों की जांच की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।

आनंद लोक हॉस्पिटल मामले में भी पहले से उठ चुके सवालों की समीक्षा जारी है। 

अधिकारियों का कहना है कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों मिलकर पूरी परतदार जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जहां आनंद लोक हॉस्पिटल का मामला पहले ही विवादों में था, वहीं रीजेंसी के नवीनतम आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और निगरानी पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने तक दोनों ही मामलों में अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है, लेकिन जनता में इस बारे में चर्चा और चिंता बढ़ती जा रही है।

 

गोरखपुर के दोनों निजी अस्पताल विवादों में आने से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त जांच-प्रक्रिया की ज़रूरत है। जनता प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *