गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शीघ्र संचालन की मांग, पर्यटन मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों ने उठाई आवाज, लुम्बिनी के विकास और ‘विजिट नेपाल ईयर 2085’ की तैयारियों पर भी दिया जोर

मनोज कुमार त्रिपाठी 

भैरहवा (नेपाल)। सिद्धार्थ होटल एसोसिएशन ने संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को ज्ञापन सौंपकर गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के शीघ्र और नियमित संचालन की मांग की है। एसोसिएशन ने कहा कि उद्योगपतियों, व्यापारियों और आम नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप हवाई अड्डे के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और सेवाओं को तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

भैरहवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रेष्ठ ने मंत्री पौडेल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए निजी क्षेत्र हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने सरकार से इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता देने और इसके प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

श्रेष्ठ ने बताया कि लगभग 40 अरब रुपये की लागत से निर्मित यह हवाई अड्डा 2 ज्येष्ठ 2079 बीएस को शुरू हुआ था। हवाई अड्डे के संचालन की उम्मीद में निजी क्षेत्र ने होटल, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में अरबों-खरबों रुपये का निवेश किया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निलंबन और सीमित संचालन के कारण पर्यटन उद्यमियों में निराशा का माहौल है।

एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में लुम्बिनी के समग्र विकास, पर्यटन पूर्वाधारों के विस्तार तथा ‘विजिट नेपाल ईयर 2085’ की तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग भी की। उनका कहना है कि यदि गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नियमित संचालन सुनिश्चित हो जाता है तो लुम्बिनी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होगा।

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मंत्री खड़क राज पौडेल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अवश्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समस्याओं के पीछे नीतिगत कमियां प्रमुख कारण हैं और सरकार उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा रही है।

मंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार की पहल और निजी क्षेत्र के सहयोग से हवाई अड्डे का नियमित संचालन जल्द बहाल होगा, जिससे लुम्बिनी और पूरे क्षेत्र के पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी।

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