राहुल सिंह
महराजगंज/आनंदनगर। तिलकहना क्षेत्र में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही अब गंभीर सवालों के घेरे में है। एक ओर ग्राम सभा निरनाम पूर्वी टोला तिलकहना के निवासी लगातार जर्जर एबीसी केबल बदलने और बस्ती के बीच पोल लगाने की मांग करते रहे, वहीं दूसरी ओर अब 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आकर 7 वर्षीय मासूम अशफाक गंभीर रूप से झुलस गया है और उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर करना पड़ा है।
मामले को और गंभीर बनाती है वह शिकायत, जिसमें ग्रामीण अजहर अली ने उप जिलाधिकारी फरेन्दा को लिखित पत्र देकर आरोप लगाया है कि आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत संख्या 40018725013642 के निस्तारण में वास्तविक ग्राम सभा का नाम बदलकर किसी अन्य ग्राम सभा का नाम दर्ज कर दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिपोर्ट में कार्य पूर्ण होने और समस्या के समाधान का दावा किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर न तो पोल लगाए गए और न ही जर्जर केबल बदली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लिया होता और आवश्यक सुरक्षा कार्य कराए गए होते, तो शायद आज एक मासूम जिंदगी मौत से जूझने को मजबूर न होती।
अब सवाल यह है कि—
क्या आईजीआरएस पर सिर्फ कागजी निस्तारण कर जिम्मेदार अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं।क्या गलत रिपोर्ट लगाकर वास्तविक समस्याओं को दबाया जा रहा हैआखिर शिकायतों के बावजूद खतरे को क्यों नजरअंदाज किया गया?
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में जर्जर विद्युत व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग भी उठाई है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक और विभागीय लापरवाही का गंभीर उदाहरण माना जाएगा।