“रिहाई नहीं हुई तो कल से संघर्ष” — देवी संग्रौला का बालेन शाह सरकार पर तीखा हमला, मानवाधिकार और NGO पर भी उठाए सवाल
मनोज कुमार त्रिपाठी
वीरगंज जिला प्रहरी कार्यालय और कारागार में दुर्गा प्रसाद शाही से मुलाकात के बाद ऋणी एसोसिएशन के संयोजक देवी संग्रौला ने सरकार और बालेन्द्र (बालेन) शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दुर्गा प्रसाई की गिरफ्तारी को “मानवता के खिलाफ अपराध” बताते हुए कहा कि यदि अदालत से सम्मानजनक रिहाई नहीं हुई तो बुधवार से देशभर में सड़क संघर्ष शुरू किया जाएगा।
संग्रौला ने दावा किया कि विभिन्न जिलों से हजारों समर्थक वीरगंज और अदालत परिसर के आसपास जुटे हैं और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद रिहाई की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बीमार व्यक्ति को हिरासत में रखना अमानवीय है और शाही को जनता की उम्मीदों का प्रतीक बताया।

इसी दौरान उन्होंने बालेन शाह के नेतृत्व और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “जनता अब असंतुष्ट है, व्यापारी, किसान और मजदूर सभी परेशान हैं।” उन्होंने सुकुम्बासियों को हटाने, व्यापार प्रभावित होने और प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
देवी संग्रौला ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दुर्गा प्रसाई की रिहाई नहीं होती है तो विभिन्न राष्ट्रवादी और अभियान समूह सड़क पर उतरेंगे। हालांकि, उनके कई आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं और इन पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।