मनोज कुमार त्रिपाठी
सुनसरी। नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज क्षेत्र में हुई दुखद घटना को लेकर नागरिक बचाउ महाअभियान, नेपाल और नागरिक बचाउ दल, नेपाल ने गंभीर चिंता जताई है। दोनों संगठनों ने घटना में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए नागरिक बचाउ दल के सभापति माधब कल्पित और नागरिक बचाउ महाअभियान के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाई ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों के जीवन, संपत्ति, धार्मिक स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की रक्षा करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति से सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि अपराधियों को संरक्षण और पीड़ितों को केवल आश्वासन देने की प्रवृत्ति समाज को और असुरक्षित बनाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्याय में देरी अन्याय को संरक्षण देने के समान है।
संगठनों ने सरकार से मांग की है कि घटना में शामिल दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक तथ्य सार्वजनिक करने, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और घायलों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

संयुक्त बयान में नागरिकों के जीवन, आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए दोनों संगठनों ने कहा कि यदि जनता की आवाज को नजरअंदाज कर न्याय को सिर्फ आश्वासनों तक सीमित रखने की कोशिश की गई, तो इससे पैदा होने वाले जनआक्रोश और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बयान में कहा गया है कि जनता के धैर्य को कमजोरी न समझा जाए। न्याय के बिना शांति संभव नहीं है।