दो गौवंशीय पशुओं की मौत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता आक्रोशित 

महराजगंज जिले के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के मदनपुरा गांव स्थित गोसदन का मामला 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज जिले के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के 

मदनपुरा गांव स्थित गोसदन में शनिवार 

को दो गौवंशीय पशुओं की मौत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे। 

कार्यकर्ताओं ने गोसदन के कर्मचारियों 

तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। जानकारी के मुताबिक गोसदन में गौवंशीय पशुओं की मौत की सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। 

उन्होंने आरोप लगाया कि गोसदन में 

पशुओं की देखभाल सही ढंग से नहीं की जा रही है। जिसके चलते लगातार गौवंशों की मौत हो रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कुछ महीने पहले भी कई पशुओं की मौत हुई थी। लेकिन जिम्मेदारों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस बार दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। हंगामे की सूचना पर पुलिस बल के साथ तहसीलदार अमित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और आक्रोशित कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि काफी देर तक बातचीत के बावजूद कार्यकर्ता शांत होने को तैयार नहीं हुए। वह मृत पशुओं को तत्काल न हटाने और मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

इसी दौरान प्रशासन की पहल पर मृत 

गौवंशीय पशुओं को हटाने के लिए जेसीबी मशीन गोसदन पहुंच गई। जेसीबी को देखते ही कार्यकर्ताओं का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने मृत पशुओं को मशीन से उठाए जाने का विरोध किया। इस दौरान पुलिस और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को गेट की ओर हटाने का भी प्रयास किया। इसी बीच जेसीबी की मदद से मृत पशुओं को वाहन पर लादकर गोसदन से बाहर भेजा गया। मृत पशुओं को हटाए जाने के बाद भी कार्यकर्ता गोसदन में तैनात कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग करते रहे। 

मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को शांत कराने में जुटे रहे। वहीं गोसदन में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. एस.एन. भट्ट ने बताया कि दो गौवंशीय पशुओं की मौत हुई है। जबकि एक अन्य पशु का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि गोसदन में कुल 45 गौवंशीय पशु थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर इनमें से 26 पशुओं को कोट कम्हरिया स्थित गौशाला भेजा जा चुका है तथा शेष पशुओं को भी जल्द स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। इसी प्रक्रिया के दौरान दो पशुओं की मौत हो गई। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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