नेपाल के व्यवसाय पर असर – दुर्गा पांडे ( होटल व्यापारी पोखरा )
रिपोर्ट: मनोज कुमार त्रिपाठी
द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़, सोनौली (महराजगंज)
सोनौली/पोखरा। नेपाल सरकार द्वारा लागू किए गए नए एंट्री-एग्जिट नियमों को लेकर भारतीय पर्यटकों और नेपाल के पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। होटल व्यवसायियों और प्रभावित यात्रियों का कहना है कि नियम लागू होने से पहले पर्याप्त जानकारी और प्रचार-प्रसार नहीं किया गया, जिसके कारण सीमा पार करने वाले लोगों को भारी परेशानी और जुर्माने का सामना करना पड़ रहा है।
पोखरा के होटल व्यवसायी दुर्गा प्रसाद पांडे ने द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ से बातचीत में कहा कि नए नियम लागू होने के बाद भारतीय पर्यटक नेपाल आने से कतराने लगे हैं। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो इसका असर केवल होटल उद्योग पर ही नहीं, बल्कि चाय दुकानदारों, रिक्शा चालकों, टैक्सी संचालकों और पर्यटन पर निर्भर हजारों लोगों की आजीविका पर पड़ेगा।
दुर्गा प्रसाद पांडे के अनुसार, नेपाल सरकार को नए नियम लागू करने से पहले कम से कम दो से तीन महीने तक व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए था। सीमा पर सूचना बोर्ड, माइकिंग, पंपलेट और अन्य माध्यमों से लोगों को पहले ही नियमों की जानकारी दी जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पर्यटक किसी दूसरे बॉर्डर से नेपाल से बाहर निकलना चाहता है तो उसके लिए भी स्पष्ट और सरल व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में नेपाल के गृह मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर नियमों में व्यावहारिक सुधार की मांग की गई है। उनका कहना है कि भारतीय पर्यटक नेपाल की पर्यटन अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी संख्या घटने से पूरे पर्यटन क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वहीं, प्रभावित वाहन मालिक असलम शेख ने बताया कि पहले की व्यवस्था के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर पर्यटक नेपाल आते-जाते थे, लेकिन नियम बदलने की जानकारी समय पर नहीं मिलने के कारण लोगों को जुर्माने का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पहले से सूचना दी जाती और सीमा पर स्पष्ट बोर्ड लगाए जाते तो लोग नियमों का पालन आसानी से कर सकते थे।
असलम शेख ने मांग की कि नेपाल सरकार नए नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करे और यात्रियों को पर्याप्त समय देकर जागरूक बनाए, ताकि भविष्य में किसी भी पर्यटक या वाहन चालक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
होटल व्यवसायियों और प्रभावित लोगों का कहना है कि यदि वर्तमान व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो भारतीय पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है, जिसका सीधा असर नेपाल के पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर पड़ेगा।