बड़े बाबू और नगर पालिका के कर्मचारियों के छूटे पसीने !!
एडीएम और ईओ के शक्त निर्देश – कोई लापरवाही नहीं , होगी कड़ी कार्रवाई
मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली/महराजगंज। त्रिलोकपुर स्थित कान्हा गौशाला में पिछले कई दिनों से गौमाताओं की लगातार हो रही मौतों का सिलसिला दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा था। गौशाला में हरे चारे की कमी, कई स्थानों पर समय पर भोजन न मिलना, स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था का अभाव, बीमार एवं कमजोर गोवंशों के उपचार में लापरवाही, नंदी, गाय और बछड़ों को एक ही बाड़े में रखने से कमजोर पशुओं का भोजन से वंचित रह जाना तथा समुचित देखरेख की कमी जैसी गंभीर अव्यवस्थाओं के कारण व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठ रहे थे। ‘द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़’ द्वारा इन मुद्दों और लगातार हो रही गौमाताओं की मौतों को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम नौतनवा नवीन कुमार स्वयं गौशाला पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम नौतनवा नवीन कुमार, डिप्टी सीडीओ डॉ. अशोक कुमार यादव, बड़े बाबू संजय श्रीवास्तव, हिंदू धर्म गौशाला समिति के संरक्षक ओम प्रकाश वर्मा, सभासद प्रेमचंद जायसवाल, सागर न्यूज़ के पत्रकार रामसागर मिश्रा, नगर पंचायत के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। अधिकारियों ने गौशाला के सभी बाड़ों का निरीक्षण किया, गोवंशों की स्थिति देखी और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पत्रकारों ने गौशाला में चारे की कमी, लगातार हो रही गोवंशों की मौत, उपचार व्यवस्था और प्रबंधन में लापरवाही को लेकर अधिकारियों से तीखे सवाल किए। निरीक्षण के दौरान स्वयं एसडीएम ने गोवंशों को चारा और दाना खिलाया तथा मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए एसडीएम नवीन कुमार ने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार करने में जुटा है। नगर पंचायत की टीम और पशु चिकित्सकों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा, पशु आहार, स्वच्छ पेयजल और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरे चारे की स्थायी व्यवस्था के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


वहीं डिप्टी सीडीओ डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पांच गोवंश अत्यंत कमजोर और गंभीर अवस्था में मिले, जिनका तत्काल उपचार कराया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि भूसा और पशु आहार उपलब्ध होने के बावजूद हरे चारे की कमी तथा नंदी, गाय और बछड़ों को एक साथ रखने के कारण कमजोर पशुओं को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि अब गौशाला में सेग्रिगेशन (अलग-अलग बाड़े) की व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि बड़े और छोटे गोवंशों को अलग रखकर उनकी बेहतर देखभाल की जा सके। साथ ही नियमित चिकित्सकीय निगरानी, पर्याप्त हरे चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम नौतनवा नवीन कुमार, डिप्टी सीडीओ डॉ. अशोक कुमार यादव, बड़े बाबू संजय श्रीवास्तव, हिंदू धर्म गौशाला समिति के संरक्षक ओम प्रकाश वर्मा, सभासद प्रेमचंद जायसवाल, सागर न्यूज़ के पत्रकार रामसागर मिश्रा, नगर पंचायत के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौशाला में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि गोवंशों की देखभाल, भोजन, उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।