जांच आयोग के साथ एसटीएफ को देख भड़की भरत तिवारी की मां आशा देवी
बोलीं-‘जिन्होंने गोली चलाई, वह जांच में कैसे?’
आशा देवी ने कहा की उन्हें किसी आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं, सिर्फ न्याय चाहिए
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
आरा! बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की जांच के लिए गठित आयोग जब गांव पहुंचा तो जांच टीम के साथ मौजूद एसटीएफ जवानों को देखकर मृतक की मां आशा देवी भावुक हो गईं। उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित जांच आयोग ने बिलौटी गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। आयोग ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और भरत तिवारी के परिजनों सहित अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए।

इस दौरान आशा देवी ने आरोप लगाया कि जिस एसटीएफ की कार्रवाई में उनके बेटे की मौत हुई, उसी टीम के जवान जांच आयोग के साथ मौजूद थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे संभव होगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
आशा देवी ने बताया कि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ले ली गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। उनका कहना था कि उन्हें किसी आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं है, बल्कि बेटे के लिए न्याय और दोषियों को कड़ी सजा चाहिए।
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पहले से ही प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। अब जांच आयोग द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण और परिजनों के बयान दर्ज किए जाने के बाद इस बहुचर्चित मामले की जांच और भी अहम हो गई है। सभी की निगाहें अब आयोग की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।