उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज! नेपाल में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेपाल सरकार ने सिंगल विंडो पॉलिसी लागू कर दी है। इसके तहत कोई भी निजी संस्था, सामाजिक संगठन या व्यक्ति बिना सरकारी समन्वय व अग्रिम अनुमति नेपाल में सीधे राहत सामग्री न तो ले जा सकता है न ही भेज सकता है।
बिना अनुमति चलाए जाने वाले राहत अभियानों को अवैध मानते हुए सीमा पर रोक दिया जाएगा। कस्टम शुल्क चुकाने के बाद ही राहत सामग्री सीमा पार ले जाने की मंजूरी मिलेगी।
भैरहवा भंसार कार्यालय के चीफ कस्टम अफसर हरिहर पौड़ेल ने बताया कि नेपाल सरकार से अनुमति प्राप्त राहत सामग्री पर कोई कस्टम शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जिन संस्थाओं ने गृह या विदेश मंत्रालय से पूर्व अनुमति नहीं ली है और राहत सामग्री ले जाना चाहते हैं, उन्हें नियमानुसार भंसार देना अनिवार्य होगा। बिना आवश्यक कागजात और स्पष्ट विवरण के किसी भी राहत वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगा

नेपाल सरकार एवं एनडीआरआरएमए द्वारा जारी समेकित राहत सूची के अनुसार टेंट, तिरपाल, कंबल, स्लीपिंग बैग, किचन सेट, सोलर लैंप, बेबी किट, डिग्निटी किट, सेनेटरी पैड, क्लोरीन टेबलेट, सूखा राशन और रेडी-टू-ईट भोजन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आपदा प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा बहाल करने के लिए 50 से 70 मीटर लंबे बेली ब्रिज को भी अति-आवश्यक सूची में रखा गया है।
भारत सरकार द्वारा भी आधिकारिक समन्वय के तहत दवाओं, खाद्य सामग्री व सोलर किट की 5 वीं खेप नेपाल भेजी जा चुकी है।


