मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज। नौतनवा तहसील में सरकारी कामकाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर तहसील के विभिन्न विभागों में कथित तौर पर निजी व्यक्तियों से सरकारी कार्य कराए जाने और सरकारी दस्तावेज उनके हाथों में दिए जाने का आरोप लगाया है।
शिकायत में लेखपाल कार्यालय, आरके कार्यालय, खतौनी विभाग, नजारत विभाग, तहसीलदार न्यायालय और एसडीएम न्यायालय समेत कई स्थानों पर निजी व्यक्तियों के माध्यम से काम कराए जाने का दावा किया गया है। जितेंद्र जायसवाल ने इसे शासन के निर्देशों के विपरीत बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

लेखपालों के निजी मुंशियों पर आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नौतनवा तहसील क्षेत्र में कई लेखपालों ने कथित तौर पर निजी मुंशी रखे हैं, जिनसे खसरा-खतौनी सहित अन्य सरकारी कार्य कराए जा रहे हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि ऐसे निजी व्यक्तियों के पास सरकारी दस्तावेज पहुंच रहे हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आरके और खतौनी विभाग भी घेरे में
जितेंद्र जायसवाल ने आरके कार्यालय में खतौनी फीडिंग और अन्य कार्यों में निजी व्यक्तियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकारी अभिलेखों से जुड़े कार्य यदि निजी लोगों के माध्यम से कराए जा रहे हैं तो इससे पारदर्शिता, गोपनीयता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
नजारत और न्यायालयों में भी निजी लोगों के काम करने का दावा
शिकायत में नजारत विभाग में कथित तौर पर निजी मुंशियों के जरिए सरकारी काम कराने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा तहसीलदार न्यायालय और एसडीएम न्यायालय में भी निजी व्यक्तियों के कार्य करने का दावा किया गया है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित निजी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
अब शिकायत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या नौतनवा तहसील में वास्तव में सरकारी दस्तावेज और विभागीय कार्य निजी हाथों में पहुंच रहे हैं? यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।

