पहले भी उठ चुका है मामला, द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज ने कई बार प्रकाशित की खबरें; DM और SDM नौतनवा को दी गई थी सूचना, SDM बोले—आख्या मांगी गई है
मनोज कुमार त्रिपाठी
नौतनवा, महराजगंज। नगर पालिका परिषद नौतनवा में पार्किंग शुल्क के नाम पर निजी और नेपाली नंबर की कारों से कथित जबरन वसूली का मामला एक बार फिर चर्चा में है। भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को जनसुनवाई पोर्टल एवं ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि यह मामला नया नहीं है। द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज के डायरेक्टर मनोज कुमार त्रिपाठी द्वारा भी इस विषय को लेकर कई बार जांच की मांग उठाई जा चुकी है और इससे संबंधित खबरें प्रकाशित की गई हैं। मामले की जानकारी जिलाधिकारी तथा एसडीएम नौतनवा को भी दी गई थी। इस संबंध में एसडीएम नौतनवा की ओर से आख्या मांगे जाने की बात कही गई थी।
इसके बावजूद अब एक बार फिर निजी एवं नेपाली नंबर की कारों से पार्किंग शुल्क के नाम पर कथित वसूली का आरोप सामने आने से कार्रवाई और जांच की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका द्वारा दिए गए पार्किंग ठेके की आड़ में ठेकेदार से जुड़े बताए जा रहे लोग निजी कारों और नेपाली नंबर के वाहनों को रोककर कथित रूप से ₹50 की वसूली कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, वाहन चालकों द्वारा पार्किंग नहीं किए जाने की बात कहने के बावजूद उनसे शुल्क मांगे जाने का आरोप है।
नेपाली नंबर की कार रोककर ₹50 मांगने का आरोप
भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल के अनुसार, उनके भतीजे सारंग जायसवाल नेपाली नंबर की निजी कार से नौतनवा पहुंचे थे। गांधी चौक पर कथित रूप से पार्किंग शुल्क वसूल रहे लोगों ने उनकी कार रोककर ₹50 की मांग की।
सारंग द्वारा वाहन निजी होने और पार्किंग नहीं किए जाने की बात कहने पर कथित रूप से बहस हुई। आरोप है कि वसूली कर रहे व्यक्ति ने वाहन के सामने खड़े होकर पैसे देने के बाद ही आगे जाने देने की बात कही।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
CCTV फुटेज की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि गांधी चौक पर लगे पुलिस विभाग के CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई होगी। उन्होंने संबंधित फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था।
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि यदि पूर्व में इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है और एसडीएम नौतनवा द्वारा आख्या मांगे जाने की बात कही गई थी, तो इसके बावजूद कथित वसूली की शिकायत दोबारा सामने क्यों आ रही है।
सीमा क्षेत्र होने के कारण मामला संवेदनशील
नौतनवा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का महत्वपूर्ण नगर है और यहां नेपाल से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी, व्यापार तथा रेल यात्रा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नेपाली नंबर के निजी वाहनों को रोककर पार्किंग शुल्क वसूलने के आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता जरूरी है।
अब निगाहें प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि CCTV फुटेज, पार्किंग ठेके के नियमों और मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होती है, तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
