श्री कुंज बाबा अवध बिहारी मंदिर में श्रीराम कथा का भव्य समापन, राम विवाह प्रसंग पर भावविभोर हुए श्रद्धालु

‘सिय पिय मिलन महोत्सव’ में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, पुष्पवर्षा के बीच हुआ नौ दिवसीय श्रीराम कथा का समापन

मनोज कुमार त्रिपाठी 

मधुबनी। मधुबनी नगर निगम के वार्ड संख्या-26 स्थित श्री कुंज बाबा अवध बिहारी मंदिर, श्रृंगार कुंज बलुआ चट्टी में आयोजित नौ दिवसीय ‘द्वितीय सिय पिय मिलन महोत्सव’ का गुरुवार को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण में भव्य समापन हुआ। परम पूजनीय साकेतवासी महंत श्री विमल बिहारीशरण जी महाराज के पुण्य स्मरण में आयोजित श्रीराम कथा का आयोजन 16 से 24 सितंबर 2026 तक किया गया।

समापन दिवस पर व्यासपीठ से आचार्य पं. नीरज कृष्ण जी महाराज ने अपनी मधुर, संगीतमय एवं प्रभावशाली शैली में भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह, रामलीला तथा राजतिलक के दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया। राम विवाह प्रसंग का वर्णन सुनते ही पूरा कथा पंडाल ‘जय श्रीराम’ और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भक्ति और आनंद का उत्सव मनाया।

भक्ति और अध्यात्म से सराबोर रहा नौ दिवसीय आयोजन

नौ दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग और धर्म के संदेशों को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया। आयोजन के अंतिम दिन भी मंदिर परिसर में देर तक भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम में मिथिला क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों, समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। मंच संचालन एवं अध्यक्षता मंचाध्यक्ष सत्यनारायण मिश्र ने की। इस अवसर पर वीरेन्द्र प्रसाद, सुरेश महतो, प्रेमचंद गुप्ता, प्रिंसिपल नवीन कारक, किशोरी कारक, भोला जी, शिव कुमार, श्रवण पूर्वे, अंजनी शरण महाराज, रामभद्र शरण, राम जी शरण, राज किशोर दास, सिया किशोरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयोजक महंत जनक दुलारी शरण जी महाराज एवं समस्त मंदिर परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी रामभक्तों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कथा समापन के बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में भक्ति, संस्कार, सद्भाव और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करना है।

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