₹2 लाख FD फर्जीवाड़ा: दूसरे नाम पर फिक्स
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर, पीपीगंज ! पीपीगंज के पोस्ट ऑफिस घोटाले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। पीड़िता मीना गुप्ता के ₹2.41 लाख की संदिग्ध निकासी मामले में एक कथित फोन बातचीत ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है।
वायरल ऑडियो में साफ तौर पर बातचीत के दौरान यह स्वीकार किया जाता है कि ₹2 लाख रुपये मीना गुप्ता (हनुमतनगर, वार्ड नंबर 2) के खाते से निकालकर “मीना तिघरा, पत्नी उदयराज” के नाम 12 महीने के लिए फिक्स कर दिए गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बातचीत में सामने आता है कि जिस महिला के नाम पर FD की गई, उसके पास खुद पासबुक तक नहीं है। वहीं यह भी कहा गया कि पासबुक “सतीश एजेंट” के पास है, जिससे पूरे मामले में एजेंट की भूमिका संदिग्ध हो जाती है।
जब पैसे के बारे में सवाल किया गया तो जवाब मिला—“हमें कुछ नहीं मालूम, पुलिस चौकी में शिकायत करिए।” यानी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सीधे पुलिस के पास जाने की सलाह दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम से यह आशंका और गहरी हो गई है कि पोस्ट ऑफिस के अंदर एजेंट और कर्मचारियों की मिलीभगत से खातों में हेरफेर कर रकम को दूसरे नाम पर ट्रांसफर किया गया।
पीड़िता पहले ही शिकायत दर्ज करा चुकी है और अब इस ऑडियो के सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
क्या डाकघर में खाताधारकों का पैसा सुरक्षित है?
क्या एजेंटों के जरिए हो रहा है संगठित फर्जीवाड़ा?
यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।