सत्यम मद्धेशिया
पीपीगंज (गोरखपुर): कस्बे में स्थित चाय की टपरियां अब सिर्फ चाय-पान का अड्डा नहीं रहीं, बल्कि धीरे-धीरे नशे की शुरुआत का केंद्र बनती जा रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दुकानों पर नाबालिग किशोरों को खुलेआम सिगरेट बेची जा रही है, जिससे कम उम्र के बच्चों में धूम्रपान की लत तेजी से बढ़ रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चाय पीने के बहाने किशोर दुकानों पर जुटते हैं और वहीं सिगरेट का सेवन करते नजर आते हैं। हैरानी की बात यह है कि कई स्थानों पर स्कूल-कॉलेज के आसपास भी छात्र समूह में धूम्रपान करते देखे जा रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
विशेषज्ञों के मुताबिक कम उम्र में धूम्रपान की आदत बच्चों के शारीरिक विकास पर गंभीर असर डालती है। इससे फेफड़ों की बीमारी, मानसिक तनाव और भविष्य में अन्य नशीले पदार्थों की ओर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना अपराध की श्रेणी में आता है, बावजूद इसके जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई का अभाव दिखाई दे रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि चाय दुकानों और तंबाकू बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किशोरों का भविष्य नशे के धुएं में न उड़ जाए।