उन्हें बीते 03 जून को सोशल मीडिया गतिविधियों के चलते किया गया था निलंबित
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
मध्य प्रदेश के शहडोल में यातायात पुलिस में पदस्थ हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी ने 15 जून को पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले 03 जून को उन्हें सोशल मीडिया गतिविधियों के चलते निलंबित किया गया था।
त्यागपत्र में विवेकानंद तिवारी ने कहा कि अब वे पुलिस सेवा में नहीं रहना चाहते और आगे देशभर में लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। हालांकि, उनके इस्तीफे को विभाग ने अभी अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया है और नियमानुसार इसकी समीक्षा की जा रही है।
विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों से जुड़े वीडियो के कारण काफी लोकप्रिय रहे हैं। दूसरी ओर, पुलिस विभाग का कहना है कि उनकी कुछ गतिविधियां सेवा नियमों के अनुरूप नहीं थीं। विभाग ने उन पर बिना पूर्व अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया।
इस संबंध में विवेकानंद तिवारी का कहना है कि वे मेडिकल इमरजेंसी के कारण अवकाश पर थे और इसकी सूचना उन्होंने विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में दे दी थी।
इसी बीच पुलिस मुख्यालय ने नई गाइडलाइन जारी कर स्पष्ट किया है कि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में ऐसे रील या वीडियो नहीं बनाएगा जिससे विभाग की छवि प्रभावित हो। नियमों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।