महराजगंज में बाढ़ के खतरे पर प्रशासन अलर्ट, तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी

लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच डीएम ने तीन तहसीलों में किया स्थलीय निरीक्षण, अधिकारियों को पेट्रोलिंग और निगरानी में लापरवाही न बरतने के निर्देश

मनोज कुमार त्रिपाठी 

महराजगंज, 26 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शनिवार को फरेन्दा, नौतनवां और निचलौल तहसील के संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर तटबंधों, नदियों और नालों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को हर स्तर पर सतर्क रहने और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

बेलसर-रिगौली तटबंध की स्थिति देखी

डीएम ने राप्ती नदी के बायें तट पर स्थित बेलसर-रिगौली तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंध की टॉप, दोनों ओर के स्लोप और कटाव निरोधक कार्यों की स्थिति देखी। धानी पुल के डाउनस्ट्रीम में बोल्डर से कराया गया कटाव निरोधक कार्य भी मौके पर संतोषजनक पाया गया।

सिंचाई विभाग के अनुसार 10.600 किलोमीटर लंबे इस तटबंध से 63 गांवों की करीब 90 हजार आबादी और 4,825 हेक्टेयर भूमि लाभान्वित होती है।

डीएम ने एसडीएम फरेन्दा से बाढ़ चौकियों, नावों और नाविकों की उपलब्धता की जानकारी ली। तहसील में 8 बाढ़ चौकियां तथा 11 गांवों में नाव और नाविक सूचीबद्ध किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

महाव नाले के जलस्तर पर नजर

नौतनवां तहसील क्षेत्र में महाव नाले का भी निरीक्षण किया गया। मौके पर नाला करीब 7 फीट के स्तर पर बहता मिला। डीएम ने अधिकारियों को लगातार जलस्तर की निगरानी करने तथा किसी भी असामान्य वृद्धि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए।

रामनगर-ठूठीबारी तटबंध भी सुरक्षित

निचलौल तहसील में चंदन नदी के दायें और प्यास नदी के बायें तट पर स्थित रामनगर-ठूठीबारी तटबंध का निरीक्षण किया गया। तटबंध की टॉप और दोनों ओर के स्लोप अच्छी स्थिति में मिले। बोल्डर से कराए गए कटाव निरोधक कार्य भी प्रभावी पाए गए।

बारिश के बीच नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर

जिला प्रशासन के अनुसार 26 सितंबर की सुबह 8 बजे तक जिले में 16 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कुल वर्षा 900 मिमी बताई गई है। B-GAP के अनुसार 29 मिमी वर्षा दर्ज हुई और कुल वर्षा 1,380 मिमी रही।

गंडक बैराज वाल्मीकिनगर में 109.55 मीटर जलस्तर और 2,73,600 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया। रोहिन नदी के त्रिमुहानी घाट पर जलस्तर 79.83 मीटर और भोरा बारी घाट पर 99.18 मीटर दर्ज हुआ। रोहिन बैराज रतनपुर में जलस्तर 96.10 मीटर रहा। राप्ती, चंदन, प्यास नदी और महाव नाले समेत अन्य जलस्रोतों पर भी प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

अभी तक जनहानि या मकान क्षति की सूचना नहीं

प्रशासन के मुताबिक 26 सितंबर की सुबह 8 बजे तक जिले की किसी भी तहसील से जनहानि, पशु हानि या मकान क्षति की सूचना नहीं मिली है। जनपद और नेपाल क्षेत्र से संबंधित तटबंध फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

डीएम का सख्त निर्देश—लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि जिले की सभी नदियों और प्रमुख नालों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। तटबंधों पर नियमित पेट्रोलिंग जारी रहे और कहीं भी कटाव, जलस्तर में अचानक वृद्धि या अन्य असामान्य स्थिति सामने आने पर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने तीनों तहसीलों के एसडीएम को भी बाढ़ की स्थिति की नियमित समीक्षा और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुल-पुलियों को पार न करने तथा बच्चों और बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

आपातकालीन संपर्क:

DDMA/DEOC महराजगंज: 05523-222162

आपदा हेल्पलाइन: 1077

मोबाइल: 9628819145

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