उमेश चन्द्र त्रिपाठी
आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कार्यालय महाराजगंज पर जिला अध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट के द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई जिसमें मुख्य रूप से नि प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक प्रसाद, पूर्व महासचिव त्रिभुवन नारायण मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष झिनकू चौधरी शिक्षक प्रदेश सचिव/ प्रधानाचार्य राम निवास चौबे आदि उपस्थित रहे।

पत्रकार वार्ता में कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट ने कहा की महोबा की एक दलित छात्रा का अपहरण कर 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया। उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया और उसे नशे का इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया गया। साथ ही उसके प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दाग दिया गया। 16 दिन के पश्चात जब बालिका अपने घर महोबा पहुंची तो उसने अपने दुष्कर्म के बारे में लोगों को अवगत कराया लेकिन आज तक भाजपा सरकार का कोई नुमाइंदा उसकी खोज खबर लेने के लिए नहीं पहुंचा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय राय ने उस पीड़ित परिवार से मिलने का प्रयास किया जिसे प्रशासन द्वारा कई जगह रोकने का प्रयास किया गया किंतु स्थानीय कार्यकर्ताओं के सहयोग से अजय राय जी उस परिवार से मिलने में सफल रहे और उनके दुख दर्द को आम जनता के बीच में लाने का प्रयास किया।

इसी बात से चिढ़कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार अजय राय के खिलाफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के बारे में अभद्र टिप्पणी करने का अनर्गल प्रलाप करने लगी। और तो और उसके विधायक सांसद और मंत्री तक अजय राय के पीछे पड़ गए उनका पुतला जगह-जगह जलाए जाने लगा उनको गालियां दी जाने लगी तथा उनके संपत्ति की जांच करने की मांग की जाने लगी ।
इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम केंद्रीय जांच एजेंसी से मांग करते हैं तो पिछले 10 सालों में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों सांसदों तथा मंत्रियों के संपत्ति की जांच भी खुले तौर पर की जाए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके ।
इस विषय में हमारी मांग है की केंद्रीय एवं प्रदेश कि वह एजेंसियां जो भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित की गई है वह भी भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों के पिछले 10 साल में संपत्ति वृद्धि की जांच करें और सरकार एक श्वेत-पत्र जारी करें जिससे जनता भी समझ सके कि उनके जनप्रतिनिधियों की संपत्तियां किस रफ्तार से पिछले 10 सालों में बढ़ी है।।