“दुर्गा प्रसाई को बताया जनसंघर्ष का प्रतीक, बैंकिंग शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान”
मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू। नागरिक बचाव महाअभियान नेपाल द्वारा आयोजित विशेष पत्रकार सम्मेलन में अभियान के केंद्रीय नेता माधव कल्पित ने वर्तमान सरकार और हाल ही में प्रस्तुत बजट पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में गरीब, किसान, मजदूर, ज्येष्ठ नागरिक और विपन्न वर्ग की समस्याओं की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
माधव कल्पित ने कहा कि देश में बढ़ती आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और कर्ज के बोझ से आम नागरिक परेशान हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकताओं में आम जनता कहीं दिखाई नहीं देती। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान बजट तकनीक और सीमित शहरी वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जबकि कृषि, उद्योग और श्रमिक वर्ग के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया।
अपने संबोधन में उन्होंने नागरिक बचाव महाअभियान के संरक्षक दुर्गा प्रसाईं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बैंक, लघु वित्त और सहकारी संस्थाओं के कथित शोषण के खिलाफ उन्होंने देशव्यापी जनचेतना अभियान चलाया। उनके अनुसार, इस आंदोलन ने हजारों परिवारों को राहत दिलाने और आर्थिक मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का विषय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
माधव कल्पित ने भ्रष्टाचार, कुशासन और राजनीतिक दलों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में व्याप्त विभिन्न घोटालों और अनियमितताओं के खिलाफ जनआंदोलन की आवश्यकता है तथा जनता को अपने अधिकारों के लिए संगठित होना होगा।
पत्रकार सम्मेलन में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था, आर्थिक नीतियों और सरकारी कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए व्यापक सुधार की मांग की। कार्यक्रम में नागरिक बचाव महाअभियान तथा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन के दौरान दुर्गा प्रसाई ने भी कहा कि नेपाल में बढ़ती आर्थिक असमानता, सहकारी और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विवाद तथा राजनीतिक अस्थिरता ने आम नागरिकों का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने भ्रष्टाचार और आर्थिक शोषण के खिलाफ संघर्ष जारी रखने तथा जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।