मुख्यमंत्री योगी ने आज गोरखपुर में किया प्रथम सिक्स लेन फ्लाई ओवर सहित ₹ 995 करोड़ से अधिक लागत की 14 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

कृष्ण कांत त्रिपाठी 

गोरखपुर! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर के बहुप्रतीक्षित सिक्स लेन फ्लाई ओवर का भव्य उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण परियोजना के शुरू होने से शहरवासियों को लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके जरिए करीब 50 लाख से एक करोड़ की आबादी को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी

उन्होंने कहा कि गोरखपुर कनेक्टिविटी के लिहाज से बहुत ही बेहतरीन शहर बन चुका है। सिक्स लेन के फ्लाई ओवर के साथ शहर को जोड़ने वाली और शहर के भीतर की प्रमुख सड़क फोरलेन बन चुकी है। एयर कनेक्टिविटी भी बहुत बेहतर हुई है। 14 फ्लाइट की उड़ान हर दिन हो रही है। इसी के साथ सीएम ने सांसद रवि किशन की चुटकी भी ली। कहा कि यही वजह है कि रवि किशन सुबह का नाश्ता गोरखपुर में तो शाम का भोजन दिल्ली और मुंबई में करते हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे भी बेहतर कनेक्टिविटी का हिस्सा बना है। वंदे भारत ट्रेन से लेकर अमृत भारत और कई ऐसी ट्रेनें हैं, जो पूर्वांचल के लोगों को दूसरे शहरों तक ले जाने में अपना बड़ा योगदान दे रही हैं।

सीएम योगी ने कहा कि आज जिस फ्लाई ओवर का लोकार्पण हुआ है, उसके निर्माण पर करीब 490 करोड रुपए खर्च हुए हैं। यह शहर की बहुत बड़ी आबादी को जाम से निजात दिलाएगा। साथ ही गोरखपुर-लखनऊ, गोरखपुर-वाराणसी और देवरिया- बिहार की तरफ जाने वालों को भी सुगम रास्ता देगा। इसके साथ ही सीएम योगी ने 278 करोड़ की लगत से पैडलेगंज चौक से फिराक गोरखपुरी प्रतिमा मार्ग का भी लोकार्पण किया। 104 करोड़ में बने MES ऑफिस एयरफोर्स, देवरिया पुलिस लाइन से जुड़े कई कार्यों का लोकार्पण भी यहीं से किया।

उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना विकसित करने के अभियान की कड़ी का यह हिस्सा है। जितनी अच्छी कनेक्टिविटी होनी चाहिए, उसी की यह शुरुआत है। उन्होंने कहा कि लखनऊ तक पहुंचाने के लिए पहले लोगों को 8 से 10 घंटे लगते थे। बनारस जाने में 6 से 7 घंटे लगते थे। अब वहां लोग 4 और 3 घंटे में पहुंच जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने समाजवादी और कांग्रेस पार्टी के लोगों पर भी टिप्पणी की। कहा कि जितना शोषण इन लोगों ने किया, उसको शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। हमारी सोच अच्छा करने की थी, हमने अच्छा करके दिखा दिया। इस दौरान उन्होंने इंसेफेलाइटिस, मच्छर, माफिया जैसे तमाम उन मुद्दों को उठाया जिस पर वह लगातार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को घेरते रहते हैं

सीएम ने इस दौरान सिक्सलेन फ्लाई ओवर सहित गोरखपुर को 995 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी. जिसमें 813.52 करोड़ रुपये की चार विकास परियोजना का लोकार्पण और 181.77 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। जिसमें नंदानगर पुलिस चौकी-शमशेर गेट मार्ग पर अंडरपास और सर्विस रोड, महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास, प्राविधिक शिक्षा को मौजूदा ज्ञान प्रणाली से जोड़ने के लिए राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ ही गोरखपुर विश्वविद्यालय चौक के समीप साइंस म्यूजियम का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं।

सीएम योगी जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया उसमें टीपीनगर-पैडलेगंज मार्ग पर सिक्सलेन फ्लाई ओवर (देवरिया बाईपास तिराहा को भी फ्लाईओवर से जोड़ते हुए). लागत 429 करोड़ 49 लाख 39 हजार रुपये,पैडलेगंज चौराहे से फिराक गोरखपुरी चौराहा तक मार्ग का फोरलेन में चौड़ीकरण. लागत 277 करोड़ 77 लाख 94 हजार रुपये, एयरफोर्स स्टेशन परिसर स्थित एमईएस ऑफिस कॉम्प्लेक्स की शिफ्टिंग का कार्य, लागत 103 करोड़ 51 लाख 17 हजार रुपये, थाना गुलरिहा के 48 क्षमता हॉस्टल/बैरक एवं विवेचना कक्ष का निर्माण, लागत 2 करोड़ 74 लाख 4 हजार रुपये, प्रमुख रूप से शामिल हैं।

उन्होंने जिन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया उसमें महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण, लागत 47 करोड़ 38 लाख 47 हजार रुपये,नंदानगर पुलिस चौकी से शमशेर गेट तक मार्ग में पड़ने वाले लेवल क्रॉसिंग के लिए अंडरपास एवं सर्विस रोड, लागत 73 करोड़ 64 लाख 49 हजार रुपये,राज्य स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत विश्वविद्यालय चौक के समीप साइंस म्यूजियम का निर्माण, लागत 49 करोड़ 60 लाख 49 हजार रुपये, वार्ड नं. 70 चंद्रशेखर आजाद नहर में सीसी रोड व नाली का निर्माण, लागत 29 लाख 56 हजार रुपये शामिल हैं।

कामकाजी महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, गोरखपुर इकाई को नामित किया गया है। इस हॉस्टल का निर्माण चरगांवा ब्लॉक परिसर से सटे 6,640 वर्ग मीटर जमीन पर किया जा रहा है. श्रमजीवी महिला छात्रावास के बन जाने से बाहर से आकर गोरखपुर में नौकरी या व्यापार करने वाली महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण आवास की सुविधा मिल जाएगी। 

महिला कल्याण अनुभाग-3 की तरफ से स्वीकृत धनराशि 47 करोड़ 38 लाख रुपये में से प्रथम किस्त के रूप में 16 करोड़ 58 लाख रुपये अवमुक्त हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक नीरज गुप्ता बताते हैं कि नवंबर 2027 तक गोरखपुर के श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है।

राजकीय निर्माण निगम द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार श्रमजीवी महिला छात्रावास की बिल्डिंग में स्टिल्ट पार्किंग रहेगी. उसके ऊपर आठ मंजिला भवन बनाया जाएगा. इस भवन में सिंगल बेड, डबल बेल और ट्रिपल बेड क्षमता के 250 रूम बनाए जाएंगे।

यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी और परिसर में हॉर्टिकल्चर कार्य भी कराए जाएंगे। छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं होंगी इनमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम और शिशु सदन शामिल हैं। साथ ही जिम सेंटर, ऑडिटोरियम, लॉन्ड्री, वाहन पार्किंग, कैंटीन और डिपार्टमेंटल स्टोर भी होंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए गार्ड, महिला वार्डन और हाउस कीपिंग स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।

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