डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के आदेश
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! लखनऊ के प्रतिष्ठित बलरामपुर अस्पताल से एक बार फिर शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों पर एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोर और उसके साथियों के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे की है। मदेयगंज चौकी पुलिस कुछ लोगों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर आई थी। पुलिस कर्मियों द्वारा कुछ कागजी प्रक्रिया अधूरी छोड़े जाने और उनके वहां से चले जाने के बाद,तीमारदारों की इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने आपा खो दिया और नाबालिग बच्चे को अस्पताल परिसर में दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि बलरामपुर अस्पताल में इस तरह की बदतमीजी आए दिन की बात हो चुकी है। ओपीडी से लेकर अलग-अलग वार्डों में तैनात कर्मचारी और गार्ड मरीजों व उनके तीमारदारों से अभद्र व्यवहार करते हैं। इसके साथ ही, अस्पताल के कुछ कर्मचारियों पर काम के बदले अवैध रूप से पैसा मांगने और ‘ऊपरी कमाई’ करने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।
मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने के बाद उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने इसका कड़ा संज्ञान लिया है। डिप्टी सीएम ने महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) को खुद मौके पर जाकर पूरे मामले की सघन जांच करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने साफ किया है कि मरीजों और उनके परिजनों से दुर्व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ 3 दिनों के भीतर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. विवेक गुप्ता ने बताया कि घटना को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। मारपीट में शामिल सभी गार्डों और कर्मचारियों की पहचान की जा रही है, और रिपोर्ट आते ही सेवा प्रदाता एजेंसी के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।