यूपी एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी

लखनऊ में एटीएस के हत्थे चढ़ा जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी  

मदरसे के नाम पर चंदा लेकर पाकिस्तान भेजता था पैसा, मसूद अजहर का करता था प्रचार 

बिहार के पूर्णिया का रहने वाला जफर गिरफ्तार, व्हाट्सएप-फेसबुक से फैलाता था जिहादी जहर

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

लखनऊ! उत्तर प्रदेश एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आतंकी को गिरफ्तार कर बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। 

एटीएस ने बिहार के पूर्णिया निवासी मोहम्मद जफर पुत्र मोहम्मद जहीर, उम्र 24 वर्ष को मेरठ से गिरफ्तार किया।

एटीएस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मदरसे के नाम पर चंदा इकट्ठा कर उसे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन को भारत में जेहाद के लिए भेज रहा है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि जफर मूल रूप से ग्राम मीरगंज, थाना रीटा, जनपद पूर्णिया, बिहार का रहने वाला है। मेरठ में रहकर उसने एक मदरसे से पढ़ाई की थी। 

जफर सोशल मीडिया पर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर से प्रभावित था। वह मसूद अजहर के भड़काऊ बयान और जिहादी तकरीरें व्हाट्सएप-फेसबुक पर शेयर कर लोगों को भारत में हिंसक जेहाद के लिए उकसाता था।

एटीएस के अनुसार जफर ने पढ़ाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के बारे में पढ़ा। जिहाद और शहादत की बातों ने उसके अंदर जहर भर दिया। मौलाना मसूद अजहर के प्रभाव में आकर वह जैश का मुजाहिद बनना चाहता था।

जफर ने पूछताछ में एटीएस को बताया कि वह फेसबुक के जरिए अपना चेहरा छिपाकर जेहाद और खिलाफत पर बयान देता था। इसी दौरान वह जैश के एक जिहादी ग्रुप से जुड़ा और पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया। हैंडलर ने उसे पाकिस्तान बुलाकर ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव दिया।

जफर ने पाकिस्तान जाने में असफल रहने पर वहां बैठे हैंडलर के कहने पर टूरिस्टों के रूप में भारत आने वाले लोगों से चंदा लेकर उसे भेजने की कोशिश की। वह बिटकॉइन के जरिए भी मदद भेजता था।

यूपी एटीएस ने जफर के खिलाफ धारा 152(1)(2) बीएनएस-2023 व 18/38 यूएपीए एक्ट-1967 के तहत केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आतंकी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है।

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