रजिस्ट्री कार्यालय को सहज केंद्र से जोड़ने के विरोध में प्रदर्शन, सरकार पर रोजी-रोटी छीनने का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने कहा- “सहज केंद्रों के माध्यम से जमीन रजिस्ट्री होने पर बढ़ेंगे विवाद, दबंगों को मिलेगा फायदा”

उमेश चन्द्र त्रिपाठी/ मनोज कुमार त्रिपाठी 

सोनौली/नौतनवा।

रजिस्ट्री कार्यालय की व्यवस्था में प्रस्तावित बदलाव को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सरकार पर आम लोगों की रोजी-रोटी छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि पारंपरिक रजिस्ट्री व्यवस्था को समाप्त कर उसे सहज केंद्रों के माध्यम से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भूमि विवाद बढ़ सकते हैं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार की इस योजना से उन लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा जो वर्षों से रजिस्ट्री कार्यालय से जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। उनका आरोप था कि सरकार बुद्धिजीवियों और अनुभवी लोगों की उपेक्षा कर रही है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस प्रकार पहले रजिस्ट्री कार्यालय के माध्यम से भूमि की खरीद-फरोख्त होती रही है, उसी व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए। उनका दावा है कि यदि जमीन की रजिस्ट्री सहज केंद्रों के माध्यम से होने लगी तो प्रभावशाली और दबंग लोग भोले-भाले लोगों की जमीन जबरन अपने नाम कराने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे भूमि संबंधी विवादों में वृद्धि होगी।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए और वर्तमान रजिस्ट्री प्रणाली को यथावत रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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