विवादों के बीच सामने आए रामलला के चढ़ावे के आधिकारिक आंकड़े 

सालभर में चढ़ावे से हुई 220 करोड़ से अधिक की रिकॉर्ड आय

हुंडी से मिले सबसे ज्यादा 54.79 करोड़ रुपये

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

अयोध्या! उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद में स्थित भव्य राम मंदिर के दान पात्र से धनराशि गायब होने के कथित आरोपों और सियासी घमासान के बीच मंदिर ट्रस्ट की आय और चढ़ावे से जुड़े वास्तविक आधिकारिक आंकड़े सामने आ गए हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बीते मार्च माह में संपन्न हुई उच्च स्तरीय बैठक में प्रस्तुत की गई वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, विधिक वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर को विभिन्न माध्यमों से कुल 220.81 करोड़ रुपये की बंपर आय प्राप्त हुई है। इस कुल कमाई में से सबसे बड़ी विधिक हिस्सेदारी रामलला की हुंडी यानी मुख्य दानपात्रों की रही है, जिससे ट्रस्ट को 54.79 करोड़ रुपये का नकद चढ़ावा मिला है। इस आधिकारिक रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राम मंदिर और उससे जुड़े मुद्दे मुख्य एजेंडा बने रहेंगे।

यह विधिक और वित्तीय डेटा ऐसे समय पर सामने आया है जब राम मंदिर के दानपात्रों को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की सोशल मीडिया पोस्ट और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बयानों के बाद देशव्यापी बहस छिड़ गई थी। राजनीतिक बयानबाजी का विधिक जवाब देते हुए ट्रस्ट ने पुरजोर दावा किया है कि रामलला को देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे और गुप्त दान की पूरी प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी, आधुनिक और सुव्यवस्थित विधिक व्यवस्था के तहत संचालित की जाती है, जिसमें हेराफेरी की कोई गुंजाइश नहीं है। 

आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि मंदिर को केवल दानपात्रों के माध्यम से हर महीने औसतन करीब 5 करोड़ रुपये का भारी चढ़ावा मिल रहा है, जबकि भक्तों द्वारा डिजिटल इंडिया के तहत ऑनलाइन माध्यम से कुल 8.33 करोड़ रुपये का विधिक दान सीधे खातों में भेजा गया है।

इस वार्षिक रिपोर्ट में ट्रस्ट की कुल जमा पूंजी और अब तक हुए खर्च का भी पूरा विधिक ब्योरा प्रस्तुत किया गया है। वित्तीय विवरण के मुताबिक, वर्तमान में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मुख्य खाते में लगभग 1940 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि विधिक रूप से जमा है, जिस पर नियमित ब्याज भी मिल रहा है। दूसरी तरफ, भव्य राम मंदिर के निर्माण कार्य, नक्काशी और परिसर से जुड़ी अन्य सहयोगी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर ट्रस्ट की ओर से अब तक करीब 1800 करोड़ रुपये की बड़ी राशि विधिक रूप से खर्च की जा चुकी है। आय और दान के इन विस्मयकारी आंकड़ों के आधार पर अयोध्या का राम मंदिर अब देश के सबसे अमीर और शीर्ष प्रमुख सिद्धपीठ मंदिरों की सूची में सर्वोच्च पायदान पर शामिल हो चुका है।

ट्रस्ट ने दान राशि की सुरक्षा और पारदर्शिता को विधिक रूप से प्रमाणित करने के लिए उसकी दैनिक गिनती की पूरी प्रक्रिया का विवरण भी साझा किया है। ट्रस्ट के अनुसार, परिसर में स्थापित करीब चार दर्जन (48) दानपात्रों से निकलने वाली नकद धनराशि को हर दिन निकाला जाता है और उसकी गिनती प्रतिदिन की जाती है। इस विधिक प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए रोजाना करीब 40 लोग मौजूद रहते हैं, जिनमें भारतीय स्टेट बैंक के 15 पेशेवर अधिकारी और ट्रस्ट के 25 विश्वसनीय कर्मचारी शामिल होते हैं। यह पूरी काउंटिंग राम मंदिर के भूतल में बने एक विशेष कक्ष में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों की चौबीस घंटे पैनी निगरानी में की जाती है। नोटों की गिनती पूरी होने के बाद पाई-पाई का विधिक रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाता है और उसे परिसर के ही एक अति-सुरक्षित लॉकर रूम में रखकर अगले दिन सीधे बैंक में जमा करा दिया जाता है।

आय-व्यय और वित्तीय प्रबंधन की विधिक शुद्धता पर बात करते हुए ट्रस्ट के सम्मानित सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने विरोधियों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामलला के खजाने का पूरा लेखा-जोखा बेहद व्यवस्थित और आधुनिक विधिक सॉफ्टवेयर के जरिए रखा जाता है। हर तीन महीने में आयोजित होने वाली ट्रस्ट की विधिक समीक्षा बैठक में सभी ट्रस्टियों के सम्मुख यह पूरा वित्तीय विवरण चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। इसके साथ ही, आंतरिक विसंगतियों को रोकने के लिए समय-समय पर स्वतंत्र एजेंसियों से इंटरनल ऑडिट (आंतरिक वित्तीय परीक्षण) भी कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इतनी सख्त त्रिस्तरीय सुरक्षा और पारदर्शी विधिक व्यवस्था के होते हुए मंदिर के कोष में किसी भी प्रकार के गबन, चोरी या हेराफेरी का सवाल ही पैदा नहीं होता, और श्रद्धालुओं को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

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