विवादों मे घिरे नेपाल के गृह गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने दी सफाई 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

जो लोग छिपाते हैं, वे 20 मिलियन रुपये से ज्यादा की संपत्ति खुलकर नहीं दिखाते।

शेयर में इन्वेस्ट करना कब से क्राइम हो गया?

बैंक से निकाले गए पैसे का हिसाब कैसे छिपाएं?

मैंने जो रकम इन्वेस्ट की, वह लोन से जुटाई गई थी।

पैसे के सोर्स का अंदाज़ा नहीं है, लेकिन कागजों और बैंक रिकॉर्ड से साबित होता है।

किसी कंपनी के शेयर खरीदना सभी शेयर होल्डर्स के साथ पार्टनरशिप नहीं है।

बिजनेस इन्वेस्टमेंट में भविष्य का पहले से पता नहीं होता।

कानूनी तौर पर सेंसिटिव मामलों पर जल्दबाजी में रिएक्ट करना ठीक नहीं है।

अफवाहें तेजी से फैलती हैं, सच सबूतों के साथ ही सामने आता है।

पर्सनल इन्वेस्टमेंट को बिचौलियों के साथ मिली भगत कहना गलत है।

फैसले सबूतों पर होने चाहिए, इमोशन पर नहीं।

मैं पार्टी के हर फैसले को मानूंगा और जांच में मदद करूंगा।

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