संतकबीरनगर से 2027 के चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में रोहित पांडेय, शिक्षा-स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

भाजपा सरकार पर अफसरशाही और बेरोजगारी को लेकर साधा निशाना, बोले— 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनेगी सपा सरकार

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में संतकबीरनगर से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे रोहित पांडेय ने एक इंटरव्यू में क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनने का दावा किया।

 

 

शिक्षा और स्वास्थ्य को बनाएंगे प्राथमिकता

इंटरव्यू के दौरान क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों पर पूछे गए सवाल के जवाब में रोहित पांडेय ने कहा कि संतकबीरनगर प्रदेश के पिछड़े जिलों में शामिल है। उनके मुताबिक, जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधित्व करने का अवसर देती है, तो शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया।

बड़े पिता की राजनीतिक विरासत का किया जिक्र

अपने परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए रोहित पांडेय ने स्पष्ट किया कि गोरखपुर से सांसद रहे उनके बड़े पिता का राजनीतिक सफर कांग्रेस के दौर से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिता ने वर्ष 1971 में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद के रूप में काम किया था और कांग्रेस में उनकी विशेष पहचान थी।

भ्रष्टाचार और अफसरशाही पर भाजपा सरकार को घेरा

प्रदेश में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर रोहित पांडेय ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अफसरशाही का प्रभाव बढ़ने से आम जनता की समस्याओं का समाधान प्रभावित हो रहा है और भ्रष्टाचार को लेकर लोगों की शिकायतें बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उनके अनुसार, शासन-प्रशासन का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए।

मीडिया की स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शनों पर उठाए सवाल

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों, पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई और विपक्षी नेताओं से जुड़े सवालों पर रोहित पांडेय ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा सरकार की छवि बनाने में लगा हुआ है।

उन्होंने कहा कि केवल प्रचार के सहारे लंबे समय तक जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। सरकारों को अपने कामकाज और योजनाओं के परिणामों के आधार पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

बेरोजगारी और औद्योगिक विकास पर जताई चिंता

युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर रोहित पांडेय ने कहा कि प्रदेश में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने संविदा और टेंडर आधारित भर्तियों को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि युवाओं से किए गए रोजगार संबंधी वादे अपेक्षित रूप से पूरे नहीं हुए हैं।

उन्होंने औद्योगिक विकास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पर्याप्त उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसरों में वृद्धि के बिना विकास के लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल होगा।

2027 में सपा सरकार बनने का दावा

अपने इंटरव्यू के अंत में रोहित पांडेय ने दावा किया कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करने का प्रयास किया जाएगा।

रोहित पांडेय के इंटरव्यू में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने आए। संतकबीरनगर से उनकी चुनावी तैयारी को लेकर दिए गए बयान के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी चुनाव में स्थानीय विकास के ये मुद्दे राजनीतिक चर्चा का कितना हिस्सा बनते हैं।

ऐतिहासिक तथ्य संबंधी स्पष्टीकरण: गोरखपुर के चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार, महंत दिग्विजयनाथ ने 1967 में लोकसभा चुनाव जीता था और 1969 में उनका निधन हो गया था। वर्ष 1971 में गोरखपुर से कांग्रेस के नरसिंह नारायण पांडेय सांसद निर्वाचित हुए थे। इसलिए बड़े पिता और दिग्विजयनाथ को हराने से जुड़ी बात को प्रकाशित करने से पहले रोहित पांडेय से नाम और चुनाव वर्ष की पुष्टि करना उचित होगा।

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