एसडीएम नवीन प्रसाद और ईओ सुरभि मिश्रा ने दिखाई पूरी सख्ती, बोले— खामियां मिलीं तो होगी कार्रवाई
कान्हा गौशाला पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों से लैस, एसडीएम नवीन प्रसाद और ईओ सुरभि मिश्रा कर रहीं मॉनिटरिंग
ईओ सुरभि मिश्रा की पहल: सब्जी मंडियों और समाजसेवियों के घरों से सीधे गौशाला पहुंचेगा दान
‘कोई भी व्यक्ति गौशाला में कर सकता है दान’— एसडीएम नवीन प्रसाद और ईओ सुरभि मिश्रा की अपील
गौशाला की बदलेगी तस्वीर! महिला अधिकारी की पहल से नगर पालिका की गाड़ी पहुंचाएगी दान सामग्री
सोनौली-नौतनवा गौशाला में सुधार अभियान तेज, प्रशासन और समाज मिलकर करेंगे गौसेवा
सोनौली। सोनौली और नौतनवा की गौशालाओं को लेकर उठे विवाद के बाद अब प्रशासन ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अभियान तेज कर दिया है। गौशाला का मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी और आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है।

प्रशासन के अनुसार, कान्हा गौशाला को पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया गया है। गौशाला की गतिविधियों, पशुओं के रखरखाव, चारे और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी एसडीएम नवीन प्रसाद और नगर पंचायत ईओ सुरभि मिश्रा स्वयं कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
बताया गया कि कार्यभार संभालने के बाद ईओ सुरभि मिश्रा ने गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

नगर पंचायत सोनौली की अधिशासी अधिकारी (ईओ) सुरभि मिश्रा ने बताया कि गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गौवंशों के रखरखाव, चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम नवीन प्रसाद और ईओ सुरभि मिश्रा ने समाजसेवियों, गौप्रेमियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे गौशाला के लिए हरा चारा, सब्जियां, पशु आहार या अन्य आवश्यक सामग्री दान कर सकते हैं। इसके लिए नगर पालिका की गाड़ी स्वयं सब्जी मंडियों और समाजसेवियों के घरों से दान सामग्री एकत्र कर गौशाला तक पहुंचाएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग गौसेवा के इस अभियान से जुड़ सकें।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी प्रयासों के साथ यदि समाज भी सहयोग करेगा तो गौशालाओं की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा निराश्रित गोवंशों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी।