2027 विधानसभा चुनाव से पहले त्रिपाठियों का बड़ा जंजाल! पूर्व मंत्री अमरमणि ने भरी हुंकार बोले—“फरेंदा में मैं, नौतनवां से हमारा लड़का लड़ेगा चुनाव”

एक ही बार में सत्ता पक्ष को परास्त करने का दावा! एक गेंद से दो विकेट लेने की हो रही कोशिश, महराजगंज की सियासत में बढ़ी हलचल

मनोज कुमार त्रिपाठी / राहुल सिंह

फरेंदा! 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महराजगंज की सियासत में त्रिपाठी परिवार ने बड़ा सियासी दांव चलने के संकेत दे दिए हैं। पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक अमरमणि त्रिपाठी के बयान ने फरेंदा और नौतनवां विधानसभा सीटों की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

चुनावी रणनीति को लेकर पूछे गए सवाल पर अमरमणि त्रिपाठी ने साफ शब्दों में कहा—“फरेंदा में मैं लड़ूंगा।” वहीं नौतनवा विधानसभा सीट को लेकर उन्होंने कहा—“नौतनवां से हमारा लड़का लड़ेगा।”

अमरमणि के इस बयान के बाद सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ नजर आ रही है—फरेंदा में अमरमणि त्रिपाठी और नौतनवां में अमनमणि त्रिपाठी। यानी एक ही परिवार के पिता और पुत्र दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में मोर्चा संभालने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं।

अमरमणि फरेंदा में, अमनमणि नौतनवा में—दो सीटों पर एक साथ सियासी दांव

त्रिपाठी परिवार की इस रणनीति में सबसे अहम नाम अमनमणि त्रिपाठी का है। नौतनवां विधानसभा क्षेत्र से पहले भी चुनाव लड़ चुके अमनमणि को लेकर उनके पिता ने साफ संकेत दिया है कि राजनीतिक विरासत अब अमनमणि आगे बढ़ाएगा।

अमरमणि ने कहा कि अमनमणि को जनता ने पसंद किया और चुनाव जिताया। उन्होंने अपने कठिन दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय अमनमणि को महिलाओं के साथ-साथ भाइयों और बुजुर्गों समेत विभिन्न वर्गों का समर्थन मिला।

यही वजह है कि नौतनवां में अमनमणि की संभावित वापसी को महज एक चुनावी दावेदारी नहीं, बल्कि त्रिपाठी परिवार की राजनीतिक जमीन को दोबारा मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

एक गेंद से दो विकेट लेने की कोशिश?

राजनीतिक जानकारों के बीच अमरमणि के इस प्लान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फरेंदा में खुद अमरमणि के सक्रिय होने और नौतनवां में बेटे अमनमणि को आगे करने को “एक गेंद से दो विकेट” वाली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

यानी एक तरफ अमरमणि फरेंदा में स्थानीय मुद्दों और विकास के सवालों को लेकर मोर्चा संभालेंगे, तो दूसरी तरफ नौतनवां में अमनमणि अपनी राजनीतिक पकड़ और पुराने जनसंपर्क के आधार पर मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

नौतनवा में ऋषि त्रिपाठी के सामने अमनमणि का नाम

नौतनवां विधानसभा क्षेत्र में मौजूदा विधायक ऋषि त्रिपाठी अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को लेकर उपलब्धियां गिनाते रहे हैं। ऐसे में अमरमणि द्वारा नौतनवां से अमनमणि को मैदान में उतारने का संकेत मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है।

जब अमरमणि से ऋषि त्रिपाठी के उस दावे पर सवाल किया गया कि साढ़े चार साल में जितना विकास हुआ, उतना पहले किसी विधायक के कार्यकाल में नहीं हुआ, तो अमरमणि ने कहा कि चलकर देख लिया जाए कि क्षेत्र में कितना विकास हुआ है।

इसके बाद नौतनवां के विकास को लेकर अमरमणि ने टिप्पणी करते हुए कहा—“नौतनवां में अरे भाई कोई घर नहीं बचा जहां पक्का न हो।”

इस बयान के बाद नौतनवां में विकास के मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले समय में अमनमणि भी यदि इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाते हैं तो मुकाबले में विकास सबसे प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल हो सकता है।

फरेंदा में अमरमणि का सीधा संदेश—“जनता को जगाने आया हूं”

फरेंदा विधानसभा क्षेत्र को लेकर अमरमणि त्रिपाठी का रुख भी आक्रामक नजर आया। जनता के लिए संदेश पूछे जाने पर उन्होंने कहा—“जनता को जगाने आया हूं।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कोई गलत निर्णय न लें। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सड़क और विकास व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया।

अमरमणि ने करीब सात किलोमीटर जंगल क्षेत्र में बनी सड़क का जिक्र करते हुए उसके निर्माण को लेकर सवाल खड़े किए। ऐसे में फरेंदा में सड़क, विकास, रोजगार और स्थानीय समस्याएं चुनावी मुद्दों में शामिल हो सकती हैं।

कार्यक्रम में जुटे कई प्रमुख लोग

पूरे कार्यक्रम के दौरान विवेक शुक्ला ने संचालन की जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों की मौजूदगी देखने को मिली।

पूर्व मंत्री – श्यामनारायण तिवारी

इस दौरान अनूप पाण्डेय, नरेंद्र निपाठी, यादव प्रधान, रामधारी पाण्डेय, मनील मिलाक, केशव प्रधान, अली जी, रामसेर, विकास पाण्डेय, गोविंद मिश्रा, मोहन पाठक, चंद्रशेखर माधव, घनश्याम वर्मा, कोमल यादव, शैलेश मिश्रा, गुड्डू यादव प्रधान, नूर आलम, मख्खू प्रसाद, काउस मिश्रा, योगेंद्र पाण्डेय, राहुल यादव, खुर्शीद अहमद, रुदल राय प्रधान, सहबुद्दीन चेयरमैन, इंद्रजीत उपाध्याय, राजू गुप्ता, अशोक चौरसिया, झामट प्रधान, सुषांत शर्मा, प्रभाकर उपाध्याय, विनोद सिंह, प्रहलाद प्रसाद, ज्वाला शुक्ला, राजेश लोहिया, ओम प्रकाश जायसवाल, गिरीश यादव, एजाज खान, जीत प्रधान, हरिकेश माण, नसीरुद्दीन बाबा, शेखर प्रधान, राहुल पाण्डवली और मनोज मिलाक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

पिता फरेंदा में, बेटा नौतनवां में—क्या बदलेगा 2027 का गणित?

अमरमणि त्रिपाठी के बयान के बाद महराजगंज की राजनीति में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि फरेंदा से अमरमणि और नौतनवां से अमनमणि की जोड़ी 2027 में क्या असर डालेगी?

एक तरफ फरेंदा में अमरमणि की सक्रियता और दूसरी तरफ नौतनवां में अमनमणि की संभावित चुनावी एंट्री—त्रिपाठी परिवार की यह रणनीति दो विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ राजनीतिक चुनौती पेश कर सकती है।

अगर पिता और पुत्र दोनों अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ताकत के साथ उतरते हैं तो यह सिर्फ दो सीटों का चुनावी मुकाबला नहीं रहेगा, बल्कि महराजगंज की सियासत में त्रिपाठी परिवार के प्रभाव की अग्निपरीक्षा भी बन सकता है।

अब देखना यह होगा कि फरेंदा में अमरमणि और नौतनवां में अमनमणि की यह रणनीति क्या सच में “एक गेंद से दो विकेट” गिराने में कामयाब होती है, या सत्ता पक्ष इस सियासी दांव का कोई बड़ा जवाब तैयार करता है।

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