CBSE OSM पर बढ़ा विवाद: धुंधली कॉपियों और Revaluation शिकायतों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर खड़े किए बड़े सवाल
“अपनी लिखाई तक नहीं पढ़ पा रहे छात्र” — Blurred Answer Sheets और Portal Glitches से CBSE की पारदर्शिता पर उठे सवाल
मनोज कुमार त्रिपाठी
CBSE की On-Screen Marking (OSM) प्रणाली और Revaluation प्रक्रिया को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि Rechecking के दौरान उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपियां धुंधली (Blurred), अस्पष्ट और पढ़ने में मुश्किल थीं, जिससे मूल्यांकन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई छात्रों ने दावा किया कि वे अपनी ही लिखाई स्पष्ट रूप से नहीं पढ़ पा रहे थे और पूछा कि ऐसी स्थिति में शिक्षकों ने कॉपियां कैसे जांची।

विवाद केवल कॉपियों तक सीमित नहीं रहा। छात्रों ने Revaluation Portal पर payment failure, server crash, confirmation issues और delayed status update जैसी तकनीकी समस्याओं की भी शिकायत की है। कई अभिभावकों ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए CBSE से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।
हालांकि, CBSE का कहना है कि OSM प्रणाली का उद्देश्य मानकीकृत और पारदर्शी मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। बोर्ड के अनुसार तकनीकी समस्याओं की शिकायतों की समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर कॉपियों की दोबारा स्कैनिंग व जांच भी की गई।
लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है – अगर छात्रों को मिली कॉपियां साफ नहीं दिख रहीं, तो क्या मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह भरोसेमंद रही? यही बहस अब सोशल मीडिया से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनती दिख रही है।