मनोज कुमार त्रिपाठी
नौतनवा, महराजगंज। नगर पालिका परिषद नौतनवा एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। एक विद्यालय के प्रबंधक ने नगर पालिका के एक कर्मचारी सत्यप्रकाश पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें ₹9,000 के बकाए को लेकर झूठी आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी होने का डर दिखाया गया और कहा गया कि यदि तत्काल ₹12,168 जमा नहीं किए गए तो उनके खिलाफ वारंट की कार्रवाई हो सकती है।
प्रबंधक के अनुसार, पहले विद्यालय में लगभग ₹9,000 का बकाया बिल आया। जब उन्होंने इसे जमा कराने की कोशिश की तो कथित तौर पर नगर पालिका कर्मचारी ने कहा कि अब बिल जमा नहीं होगा क्योंकि उनके खिलाफ आरसी जारी होकर तहसील भेजी जा चुकी है। आरोप है कि कर्मचारी ने यह भी कहा कि “12,168 रुपये जमा कर दीजिए, बाकी मामला मैनेज हो जाएगा।”
विद्यालय प्रबंधक ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी नगर पालिका अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी को दी। उनका कहना है कि अध्यक्ष ने उन्हें बताया कि ₹9,000 के बकाए पर कोई आरसी जारी नहीं हुई थी। यदि ऐसा है तो फिर कर्मचारी द्वारा आरसी का हवाला देकर अतिरिक्त धनराशि जमा कराने की बात गंभीर जांच का विषय बनती है।
प्रबंधक ने यह भी सवाल उठाया कि यदि वास्तव में उनके खिलाफ कोई वैधानिक कार्रवाई हुई थी तो उन्हें न तो कोई नोटिस मिला, न आरसी की प्रति, न तहसील प्रशासन की ओर से कोई सूचना और न ही कोई आधिकारिक संदेश। ऐसे में सीधे आरसी और वारंट का भय दिखाना नियमों के विपरीत प्रतीत होता है।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि कम राशि के मामलों में सीधे आरसी जारी करने का प्रावधान नहीं है। यदि यह सही है, तो संबंधित कर्मचारी द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विद्यालय प्रबंधक ने आरोप लगाया कि यह केवल उनके साथ नहीं बल्कि नगर पालिका क्षेत्र के कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को अवैधानिक बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
प्रबंधक ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी महराजगंज और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को इस प्रकार की कथित परेशानियों का सामना न करना पड़े।