वीडियो बना रहे पत्रकारों से अभद्रता
मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली/महाराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब सिद्धार्थनगर निवासी पांच भारतीय युवक नेपाल के एक वाटर पार्क से लौटते समय कथित तौर पर विवाद में घिर गए। बताया जा रहा है कि नेपाली टेम्पो चालकों से किराए और पैसे के लेनदेन को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के बाद युवकों का पीछा किया गया और वे जान बचाने के लिए भागते हुए सोनौली बॉर्डर तक पहुंचे। भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने तत्काल हस्तक्षेप कर मनीष, विकास, मधु, सुनील और रामकरण (सभी निवासी सिद्धार्थनगर) को सुरक्षित बाहर निकाला तथा स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि मौके पर कुछ अन्य लोग भी पहुंच गए, जिनकी मौजूदगी से माहौल और बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई। हालांकि, दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों की तत्परता और सूझबूझ से स्थिति को जल्द ही सामान्य कर दिया गया।
घटना की कवरेज कर रहे पत्रकारों से भी अभद्रता
घटना की जानकारी जुटाने और पूरे घटनाक्रम को कैमरे में रिकॉर्ड करने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी कथित तौर पर अभद्रता की गई। पत्रकार मौके पर घटना की वीडियो कवरेज कर रहे थे, इसी दौरान कुछ लोगों के व्यवहार को लेकर पत्रकारों ने आपत्ति जताई।

स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, जब भारत-नेपाल सीमा पर समाचार संकलन या वीडियो कवरेज के दौरान भारतीय पत्रकारों के साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई हो। सीमा क्षेत्र में लगातार रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के अनुसार, संवेदनशील घटनाओं की कवरेज के दौरान मीडिया कर्मियों की सुरक्षा और स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने के अधिकार का ध्यान रखा जाना चाहिए।

घटना के संबंध में नेपाल पुलिस का कहना है कि विवाद में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों की पहचान अभी नहीं हो सकी है, लेकिन उनकी तलाश जारी है। पहचान होने के बाद कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के पुलिस अधीक्षक (SP) जनक बहादुर कार्की को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया है। पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता और सीमा क्षेत्र में बने तनाव की जानकारी एसपी को देकर मामले में आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की गई है। अब देखना होगा कि नेपाल पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है।