नौतनवां के चर्चित नेता व हिन्दू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष नरसिंह पाण्डेय के बेटे नवनीत उर्फ आदेश पाण्डेय समेत पांच गिरफ्तार
पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के राजनैतिक प्रतिनिधि प्रह्लाद प्रसाद बोले— करोड़ों की ठगी के मामले में लड़का गिरफ्तार, नरसिंह पाण्डेय पर खुद जमीन हड़पने के आरोप
पूर्व में रहे नौतनवां के एसडीएम नवीन कुमार और नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव के साथ मिलकर काम करने का भी लगाया आरोप
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर नौतनवां! गोरखपुर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की साइबर क्राइम सेल और चिलुआताल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सामने आया कि कथित गिरोह बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करता था और फिर उसे नकदी तथा क्रिप्टोकरेंसी यानी यूएसडीटी में बदलकर आगे भेजने की व्यवस्था करता था।


पुलिस के मुताबिक, 34 म्यूल बैंक खातों से जुड़े मामलों में करीब 4.09 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का लेन-देन सामने आया है। मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस ने इस कार्रवाई में नकदी, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कैश काउंटिंग मशीन समेत कई सामान बरामद किए हैं।
नौतनवां निवासी नवनीत उर्फ आदेश पाण्डेय समेत पांच गिरफ्तार, 13.76 लाख रुपये नकद बरामद
गिरफ्तार आरोपियों में महराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-14, गौतम बुद्ध नगर निवासी नवनीत उर्फ आदेश पाण्डेय भी शामिल है, जिसे हिंद युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पाण्डेय का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, नवनीत कथित तौर पर गिरोह के स्थानीय नेटवर्क में सक्रिय था। उस पर सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से बैंक खातों की जानकारी जुटाने, ठगी की रकम खातों में मंगवाने और नकदी निकलवाकर उसे यूएसडीटी में बदलवाने की व्यवस्था से जुड़े होने का आरोप है।


इस मामले में पुलिस ने नवनीत पाण्डेय उर्फ आदेश के अलावा रवि वर्मा, आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, प्रज्ञा रतन और मकसूद आलम खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा बताई गई कुल बरामदगी में 13 लाख 76 हजार 700 रुपये भारतीय मुद्रा, 4,710 रुपये नेपाली मुद्रा, 22 एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, तीन चेकबुक, तीन पासबुक, दो मुहर, एक कैश काउंटिंग मशीन, एक चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल शामिल हैं। यह बरामदगी पांचों आरोपियों से सामूहिक रूप से बताई गई है; उपलब्ध जानकारी के अनुसार सभी सामान नवनीत के पास से बरामद होने की पुष्टि नहीं है।
पुलिस की जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम मंगवाने और निकालने के लिए करते थे। इसके बाद रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर आगे भेजने की व्यवस्था की जाती थी। पुलिस अब बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तारी और आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता; अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के तहत होगा।

अमरमणि त्रिपाठी के राजनैतिक प्रतिनिधि प्रह्लाद प्रसाद ने नरसिंह पाण्डेय और उनके परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
साइबर ठगी के मामले में नवनीत पाण्डेय उर्फ आदेश की गिरफ्तारी के बाद नौतनवां की स्थानीय राजनीति में भी बयान सामने आया है। पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के राजनैतिक प्रतिनिधि प्रह्लाद प्रसाद ने अपने बयान में नरसिंह पाण्डेय और उनके परिवार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। प्रह्लाद प्रसाद ने नवनीत की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बेटा करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने नरसिंह पाण्डेय पर जमीन से जुड़े विवादों में कथित रूप से जमीन हड़पने के आरोप लगाए।

प्रह्लाद प्रसाद के अनुसार, नौतनवां और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों से जुड़े कई विवाद हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने अपने बयान में कुछ स्थानीय लोगों और परिवारों की जमीनों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि नरसिंह पाण्डेय और उनके परिवार का नाम ऐसे मामलों में सामने आता रहा है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में संबंधित जमीनों के अभिलेख, शिकायतों की प्रतियां या किसी जांच एजेंसी के आधिकारिक निष्कर्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इन दावों को प्रह्लाद प्रसाद के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पूर्व एसडीएम नवीन कुमार और नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव के साथ मिलीभगत का आरोप
प्रह्लाद प्रसाद ने अपने बयान में नौतनवां तहसील में जमीनों के दाखिल-खारिज और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व में तैनात रहे एसडीएम नवीन कुमार और नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि नरसिंह पाण्डेय के साथ मिलकर काम किए जाने की जांच होनी चाहिए। उन्होंने नेपाल के नागरिकों द्वारा जमीन खरीदने से जुड़े कुछ मामलों में कथित अनियमितताओं और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान धन के लेन-देन के आरोप भी लगाए।
ये आरोप प्रह्लाद प्रसाद के बयान पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के लिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि करने वाले दस्तावेज या किसी आधिकारिक जांच का निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। किसी व्यक्ति या अधिकारी का नाम आरोप में आने मात्र से उसकी संलिप्तता सिद्ध नहीं होती। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, शिकायतों, जांच रिपोर्ट और अधिकारियों का पक्ष आवश्यक है।
नरसिंह पाण्डेय और उनके परिवार की संपत्ति और जमीनों को लेकर भी उठाए सवाल
प्रह्लाद प्रसाद ने नरसिंह पाण्डेय और उनके परिवार की संपत्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि परिवार की संपत्ति और जमीनों से जुड़े मामलों की जांच होनी चाहिए। अपने बयान में उन्होंने नौतनवां, लोहरपुरवा और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों से जुड़े विवादों का उल्लेख किया तथा कुछ स्थानीय लोगों की जमीनों को लेकर कथित कब्जे के आरोप लगाए।
प्रह्लाद प्रसाद ने अपने बयान में कुछ लोगों के लापता होने और उनके साथ कथित रूप से गलत होने जैसे गंभीर दावे भी किए। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस शिकायत, एफआईआर, जांच रिपोर्ट या न्यायालय के निष्कर्ष की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन बातों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। यदि संबंधित मामलों में कोई शिकायत या आधिकारिक जांच हुई है, तो उसके दस्तावेज सामने आने से तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
साइबर ठगी का मामला और जमीन संबंधी आरोप अलग-अलग जांच का विषय
इस पूरे घटनाक्रम में दो अलग-अलग पहलू सामने हैं। पहला, गोरखपुर पुलिस की साइबर ठगी के कथित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई, जिसमें नरसिंह पाण्डेय के बेटे नवनीत पाण्डेय उर्फ आदेश समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 34 म्यूल बैंक खातों से जुड़े मामलों में करीब 4.09 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का लेन-देन सामने आया है।

दूसरा पहलू प्रह्लाद प्रसाद के वे आरोप हैं, जिनमें उन्होंने नरसिंह पाण्डेय और उनके परिवार पर जमीन संबंधी विवादों तथा पूर्व राजस्व अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। नवनीत की गिरफ्तारी अपने आप में उसके पिता के खिलाफ लगाए गए जमीन संबंधी आरोपों का प्रमाण नहीं है। दोनों मामलों की जांच तथ्यों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग की जानी चाहिए।
नरसिंह पाण्डेय का पक्ष जानने का प्रयास, कार्यालय भी मिला बंद

मामले में नरसिंह पाण्डेय का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं, उनका कार्यालय भी बंद मिला। ऐसे में प्रह्लाद प्रसाद की ओर से लगाए गए आरोपों पर नरसिंह पाण्डेय का पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में उचित स्थान दिया जाएगा।
