उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज!जनगणना-2027 के दूसरे चरण के तहत जिले में आगामी 16 नवंबर से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके लिए जिले के प्रत्येक गांव में हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम गौरव सिंह सोगरवाल, सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह व जिला जनगणना अधिकारी/एडीएम डॉ. प्रशांत कुमार ने संवाद करते हुए जनगणना की बारीकियों व नियमों की जानकारी दी।
जनगणना को लेकर डीएम ने बताया कि एक दिसंबर से चार जनवरी तक प्रगणक घर-घर पहुंच जनगणना करेंगे। इसके पहले 6 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वगणना होगी। इसके लिए कोई भी नागरिक एसई डॉट सेंसस डॉट जीओवी डॉट इन वेबसाइट पर लॉगिन कर अपना व परिवार का स्वगणना ऑनलाइन कर सकता है। डीएम ने बताया कि जनगणना से राष्ट्रीयता का कोई संबंध नहीं है। बेघर लोगों की भी गणना होगी।
डीएम ने जनसंख्या गणना के नियमों के तहत बताया कि यदि किसी परिवार में कोई घरेलू नौकर या कर्मचारी रहता है और उसका खाना भी परिवार के ही किचेन में बनता है तो उसकी गणना उसी परिवार में की जाएगी। इसके अलावा समाज के बेघर व आश्रयहीन लोगों को गणना में शामिल करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बेघर लोगों की गणना चार जनवरी 2027 को शाम छह बजे से शुरू की जाएगी। इसके पहले कर्मी चिह्नित कर लेंगे कि बेघर लोग शाम को कहां ठहरते हैं। वहीं जाकर गणना करेंगे।
जिले के जिन दूरदराज ऐसे क्षेत्र जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है ऐसे शैडो जोन वाले गांवों को चिह्नित कर वहां स्व-गणना व डिजिटल डेटा एंट्री के लिए अलग से विशेष तकनीकी व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के कैंपों में सुरक्षा कारणों से बाहर के प्रगणक नहीं जाएंगे, बल्कि कैंप के भीतर मौजूद नामांकित कर्मी ही अपनी जनगणना का कार्य पूरा करेंगे। जेल में भी जनगणना होगी।
डीएम ने बताया कि जनगणना के दौरान नागरिकों द्वारा दी गई कोई भी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस डेटा का उपयोग किसी भी न्यायालय या कानूनी कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा। यहां तक कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी जनगणना से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी।
डीएम ने कहा कि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक चलने वाले जनगणना में हर दिन के लिए थीम बनाया गया है। इसमें पहले दिन रेवेन्य, एडमिनिस्ट्रेशन, एमपी, एमएलए, एमएलसी, दूसरे दिन लोकल गवर्नेस व रूरल डेवलपमेंट से जुड़े लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसी तरह एजुकेशन सेक्टर, हेल्थ सेक्टर, ट्रांसपोर्ट, उद्योग, बाजार आदि में जाकर लोगों का स्वगणना कराया जाएगा।
डीएम ने कहा कि जनगणना राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार है। यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि आपके गांव, शहर और जिले के विकास की रूपरेखा तय करने का मुख्य जरिया है। इसी डेटा के आधार पर सरकार भविष्य की नीतियां,शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, और जनकल्याणकारी योजनाओं का खाका तैयार करती है। इसी लिए सही व सटीक जानकारी दें। दी गई हर एक जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और इस राष्ट्रीय कार्य में अपना पूर्ण सहयोग दें।







