“‘स्पेन जैसा शहर’ कहलाने वाला गोरखपुर गैस संकट से बेहाल: बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे लाइन में परेशान”
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर ! उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में इन दिनों गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। जिस शहर को विकास के मॉडल के रूप में “स्पेन जैसा” बताकर प्रचारित किया गया, वहीं अब आम जनता बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है।

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शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। इन लाइनों में बूढ़े-बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे तक घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। तेज धूप और भीड़ के बीच लोगों की हालत खराब हो रही है, लेकिन राहत के कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि गैस एजेंसियों के बाहर लगी भीड़ के कारण सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन रही है। आने-जाने वाले राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से गैस की सप्लाई बाधित है, जिससे घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। लोगों का कहना है कि जब गोरखपुर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शहर बताया जा रहा है, तो यहां बुनियादी सुविधाओं की ऐसी स्थिति चिंताजनक है।
अब सवाल उठ रहा है कि क्या “विकास” के दावों के बीच आम जनता की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है? गोरखपुर में गैस संकट ने इन दावों की सच्चाई पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।