तीन राउंड के बाद भी दस्तावेज नहीं मिलने का आरोप, सपा ने उठाए सवाल
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में काम करने का आरोप, प्रशासन पर घिरी सपा
MLC चुनाव पर राजभर का पलटवार, बोले—जनादेश स्वीकार करें अखिलेश
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद (MLC) मतगणना को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया। सपा नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों और चुनाव पर्यवेक्षक पर भाजपा प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से काम करने का आरोप लगाया।

सपा के निवर्तमान जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम ने आरोप लगाया कि तीन राउंड की मतगणना पूरी होने के बावजूद मंडलायुक्त कार्यालय की ओर से उन्हें परिणामों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने इसे मतगणना की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर सवाल बताते हुए पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
सपा नेताओं का कहना है कि मतगणना से संबंधित दस्तावेज और परिणामों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे। हालांकि, प्रशासन पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
अनियमितताओं के आरोपों पर ओम प्रकाश राजभर का पलटवार
दूसरी ओर, अंबेडकर नगर में MLC चुनाव में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद अखिलेश यादव वोट चोरी और धांधली की बातें करते हैं तथा EVM को जिम्मेदार ठहराते हैं।

राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को मिले जनादेश को स्वीकार करना चाहिए और अगले चुनाव के लिए बेहतर तैयारी करते हुए अधिक मेहनत करनी चाहिए। उनके इस बयान से चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और हवा मिली है।
मतगणना की पारदर्शिता पर टिकी निगाहें
गोरखपुर में उम्मीदवारों के बहिष्कार और सपा की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच मतगणना की पारदर्शिता और परिणामों से संबंधित दस्तावेजों का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर सपा नेताओं ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिक्रिया बताते हुए अखिलेश यादव पर पलटवार किया है।

अब मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया, मतगणना संबंधी दस्तावेजों की उपलब्धता और आरोपों की पुष्टि से जुड़े तथ्यों पर नजर रहेगी। निष्पक्ष निष्कर्ष के लिए सभी संबंधित पक्षों का पक्ष और आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है।





