द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज ब्यूरो
गोरखपुर ! तेज़ रफ्तार और प्रतिस्पर्धा से भरी आज की जिंदगी में जहां युवा भौतिक सुख-सुविधाओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वहीं गोरखपुर के निवासी राजेश कुमार गुप्ता के सुपुत्र मिलिंद गुप्ता ने अपनी लेखनी से एक गहरा और प्रेरणादायक संदेश दिया है। उनकी लिखी कविता इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जो जीवन के असली सुख और संतोष को बेहद सरल शब्दों में व्यक्त करती है।

मिलिंद की कविता में यह साफ झलकता है कि सच्ची खुशी बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि मन की शांति और संतुष्टि में होती है। “कम में जो खुश रहो, तो खुशी में कमी नहीं होगी” जैसी पंक्तियां आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ठहराव और सुकून का एहसास कराती हैं। उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से यह भी संदेश दिया है कि बड़ी इच्छाओं और दिखावे से दूर रहकर, वर्तमान में जीना ही असली जीवन है।
कम उम्र में इतनी परिपक्व सोच और गहरी समझ मिलिंद गुप्ता की रचनात्मक प्रतिभा को दर्शाती है। उनकी यह कविता न केवल युवाओं को प्रेरित कर रही है, बल्कि हर वर्ग के लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि असली खुशी आखिर कहां है। गोरखपुर के इस उभरते हुए प्रतिभाशाली बेटे पर परिवार और पूरे क्षेत्र को गर्व है।