कलराज मिश्र को भाजपा आज भी प्रदेश अध्यक्ष बना दे तो 2027 के चुनाव में 100 सीट प्लस हो जाएगा
सार
यूपी राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र लगातार सक्रिय राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यही नहीं वह सवर्णों को एकजुट करने में जुटे हुए हैं। कलराज मिश्र को भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आज भी उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान दे-दे तो आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में 100 सीटें प्लस होंगी और भाजपा दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर लेगी।
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! यूजीसी के नए नियमों पर भाजपा के ज्यादातर सवर्ण नेता मौन थे। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र अपने बयानों को लेकर खासे चर्चा में रहे। उन्होंने खुलकर नियमों का विरोध किया और इनको वापस लेने की मांग की। उनके इस विरोध के साथ ही राजनीति में उनकी सक्रियता की भी चर्चा हो रही है।
हाल ही में उन्होंने ‘विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद’ नाम से ब्राह्मणों का संगठन भी बनाया है। इसके तहत वह ब्राह्मण सम्मेलन भी कर रहे हैं। अब चर्चा ये है कि राज्यपाल जैसे पद पर दो बार रहने के बाद वे राजनीति में इतनी सक्रियता क्यों दिखा रहे हैं?
आखिर क्या है इस सक्रियता की वजह? क्या वे पार्टी में ब्राह्मण नेता के तौर पर खुद को स्थापित करना चाहते हैं या कोई और राजनीतिक महत्वाकांक्षा है?
क्यों हुए इतना सक्रिय?
चर्चा ये है कि राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर रहने के बाद सामान्य तौर पर लोग सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेते हैं। कलराज मिश्र राजस्थान में भी ब्राह्मण सम्मेलनों में अपनी बात रखते रहे हैं। अब राज्यपाल के पद से हटने के बाद उन्होंने खुद ही ब्राह्मणों का वैश्विक संगठन बना लिया है। इसमें वे देश-विदेश के ब्राह्मणों को जोड़ रहे हैं। यूजीसी नियमों जैसे मुद्दे पर मौका मिला तो उन्होंने आगे आकर सवर्णों का पक्ष रखा।
सवाल यह है कि संगठन खड़ा करने और विभिन्न मुद्दों पर आगे बढ़कर बयान देने के पीछे उनकी क्या मंशा है? क्या उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। लोकसभा में उनका टिकट काटकर राज्यपाल बनाया गया था, तभी यह मान लिया गया था कि अब वह सक्रिय राजनीति से दूर हो जाएंगे। उनके चुनावी राजनीति में आने की उम्मीद कम ही है। हालांकि, उनके एक पुत्र अमित मिश्र प्रदेश भाजपा में सदस्य हैं।
कलराज मिश्र ने ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया
कलराज मिश्र यूपी की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। दो बार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी, चिकित्सा शिक्षा, सूक्ष्म और लघु उद्योग मंत्री रहे। एक समय था, जब भाजपा में सबसे बड़े ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उनकी पहचान थी। वह 2014 में देवरिया संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव भी जीते। उसके बाद उनको पहले हिमाचल प्रदेश और फिर राजस्थान का राज्यपाल बनाया गया था।





